खरगोन। रमजान माह के दौरान मुस्लिम समाजजन रोजा रख अल्लाह की इबादत कर रहे है। 27 रोजे रात सब ए कद्र के रुप में मनाई गई। इस दौरान समूचे समाजजनों ने रात जाग कर अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हुए दुआएं की। इसे लैयलतुल कद्र की रात भी कहा जाता है। इसके साथ ही ईल उल फितर के त्यौहार की तैयारियां भी शुरु हो गई है। मस्जिदों को रोशन किया गया, वहीं बाजार भी सज गए है। देररात तक सजे बाजारों में कपड़े, सूखे मेवे, जूते चप्पल आदि की खरीददारी हो रही है। मुफ्ती तारिक खान ने बताया कि 30 मार्च की शाम चांद नजर आया तो 31 मार्च सोमवार को ईद होगी, नही तो 1 अपै्रल मंगलवार को ईद का त्यौहार मनाया जाएगा। ईदगाह में ईद की नमाज का वक्त सुबह 7.45 तालाब चौक में 8.15 और दारूउलूम में 8.45 बजे ईद की नमाज अदा की जाएगी। मान्यता है कि इस्लामी पवित्र ग्रंथ को शबे कद्र के दिन आसमानी किताब कुरान सरीफ को जमीन पर उतारा गया था। साल में एक बार रमजान माह में आने वाली यह रात में इबादत करने से हजारों महीनों से अधिक इबादत करने का सवाब मिलता है।