भोपाल। नगर निगम सीमा में घर पर किसी की मौत होने पर अब परिजन को 21 दिन के भीतर पार्षद से लिखवाकर देना होगा। पहले श्मशान/कब्रिस्तान के रिकॉर्ड से ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाते थे। लेकिन हाल में दो मामलों में गलत प्रमाण पत्र जारी हुए थे। इसलिए निगम ने नियम सख्त किए हैं। अब पार्षद या अधिकृत अधिकारी पुष्टि करेंगे कि वास्तव में मृत्यु हुई है या नहीं।
यही नहीं, 2020 के निर्देशों के अनुसार, यदि मृत्यु घर पर हो या अंतिम संस्कार ऐसे श्मशान/कब्रिस्तान में हुआ हो, जहां से प्रमाण नहीं मिलता, तो पंचनामा और पार्षद की लिखित पुष्टि से प्रमाण पत्र बनता है। अब परिषद भंग होने के कारण यह जिम्मेदारी वार्ड प्रभारी, राजस्व अधिकारी या सहायक निरीक्षक की होगी। वे मौके पर जाकर गवाहों से पुष्टि और पंचनामा तैयार कर रिपोर्ट भेजेंगे।
खास बात यह भी है कि एक साल पहले महापौर ने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र घर तक पहुंचाने की घोषणा की थी, लेकिन न वितरण शुरू हुआ, न ऑनलाइन सुविधा। अफसरों के मुताबिक, रोज 400 से ज्यादा प्रमाण पत्र बनते हैं, जिन्हें पहुंचाने के लिए उतने ही कर्मचारी चाहिए।
नगर निगम हरेंद्र नारायण के अनुसार, अगर किसी को नई व्यवस्था से परेशानी है तो परीक्षण कराएंगे। एक साल के भीतर के मामलों में 15 दिन और उससे ज्यादा पुराने मामलों में 30 दिन में प्रमाण पत्र जारी होंगे।