नीमच। नवीन न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के बैठने की उचित व्यवस्था करने की मांग को लेकर बीते 13 दिनों से आंदोलनरत जिला अभिभाषक संघ की साधारण सभा की बैठक हुई। इसमें अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी बात रखी और निर्णय लिया गया कि जब अधिवक्ताओं की मांगे पूरी नहीं होती है, हड़ताल यथावत रहेगी और अधिवक्ता आंदोलनरत रहेंगे।
नवीन न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के बैठने की उचित व्यवस्था की मांग को लेकर 1 अप्रैल से जिला अभिभाषक संघ के नेतृत्व में अधिवक्ता न्यायालीन कार्रवाई से विरत होकर आंदोलनरत है, लेकिन इस दौरान यह बात उठने लगी थी कि कई अधिवक्ता आंदोलन के पक्ष में नहीं है और वे आंदोलन से दूर होना चाहते है। हालातों के मद्देनजर जिला अभिभाषक संघ की साधारण सभा की बैठक का आयोजन रविवार को पुराने न्यायालय स्थित जिला अभिभाषक कार्यालय में किया। जिसमें आंदोलन को लेकर कई अधिवक्ताओं ने अपनी बात रखी।
यह मेरे घर का अंदोलन नहीं, अभिभाषक संघ का आंदोलन है-
अधिवक्ताओं के विचारों को सुन अभिभाषक संघ के अध्यक्ष मनीष जोशी ने कहा कि यह आंदोलन मेरे घर का नहीं है, यह अभिभाषक संघ का आंदोलन है, जिसका निर्णय एक बार नहीं तीन-तीन बार साधारण सभा की बैठक में लिया गया और अधिवक्ताओं की सहमती से लिया गया, लेकिन कुछ लोग धरना आंदोलन के दौरान कुछ बात कहते हैं और आंदोलन के बाद पीछे से अलग बात कहते हैं। यह कारण है कि कुछ अधिवक्ताओं को आंदोलन को खत्म करने का मानस हो रहा है, वे खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं। अध्यक्ष श्री जोशी ने कहा कि आंदोलन को आगे बढाना है या नहीं, इसका निर्णय हमें आज लेना है। अगर आंदोलन को आगे बढाना है, तो आपका निर्णय और यही खत्म करना है, तो भी आपका निर्णय, क्योंकि जैसे सभी अधिवक्ताओं के काम प्रभावित हो रहे हैं, उसी तरह मेरा भी काम प्रभावित हो रहा है।
मेरे खिलाफ लिखे जा रहे हैं आवेदन-
अध्यक्ष श्री जोशी ने कहा कि आंदोलन का असर यह है कि मेरे खिलाफ धनसिंह वर्मा ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश को लिखा है कि मैंने उसे कोर्ट के अंदर जाने रोका और नोटरी तथा शपथ आयुक्त के सील और रजिस्टर जब्त कर रहे हैं, जबकि सब जानते हैं कि जिला अभिभाषक संघ ने किसी को नहीं रोका और मेरे खिलाफ अनर्गल आरोप लगाए हैं। नवीन न्यायालय परिसर में अधिवक्ता नहीं जा रहे हैं, जबकि किसी पक्षकार के अंदर जाने पर कोई रोक नहीं, फिर धनसिंह वर्मा को कौन रोकेगा। श्री जोशी ने कहा कि बाते यहा तक हो रही है कि कार्यकारिणी को बगैर बताए पत्रचार किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। मैंने अगर कोई पत्राचार भी किया है, तो वह अभिभाषक संघ के हीत में किया है। वही सचिव देवेंद्र कैथवास ने कहा कि संघ में कोई फूट नही है। ऐसी अनर्गल बाते उन अधिवक्ताओ द्वारा फैलाई जा रही है जिन्हें ज्यूडिशियल के डर से कोर्ट में कम करने जाना है।
4 घंटे चली बैठक, लिया निर्णय यथावत रहेगी हड़ताल-
अभिभाषक कार्यालय में लंबी चली साधारण सभा की बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश शर्मा, दिनेश शर्मा, लक्ष्मणसिंह भाटी, विनोद शर्मा, नवलसिंह लोध, अमित शर्मा, गोविंद सैनी, प्रविण मित्तल,नोशाद खान, मनीष कैथवास, सुनील पटेल, रानू अटल, शैलेंद्र नागदा आदि ने अपने विचार रखे। बैठक में सभी के विचारों को सुनने के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हड़ताल याथावत रहेगी और अधिवक्ता आंदोलनरत रहेंगे। इस दौरान अभिभाषक संघ के उपाध्यक्ष शांतिलाल जैन, सचिव देवैंद्र कैथवास, सह सचिव मनोज प्रजापति, कोषाध्यक्ष विश्वास चंदेल, ग्रंथपाल गणपतलाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में अभिभाषक मौजूद थे।