छतरपुर। गढ़ा के बागेश्वर बालाजी का एक मंदिर महाराष्ट्र के भिवंडी में स्थापित हो गया। सोमवार सुबह 8-9 के बीच शुभ मुहूर्त में विद्वानों ने मंत्रोच्चार के साथ बागेश्वर बालाजी, गणेश भगवान, श्री सीताराम दरबार और भगवान शिव की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा कराई।
श्री बागेश्वर बालाजी सनातन मठ प्राण प्रतिष्ठा समारोह बद्रीनाथ वाले महाराज, मुख्य आयोजक रुद्र प्रताप त्रिपाठी और गोविंद नामदेव अपने परिवार के साथ उपस्थित रहे। प्राण प्रतिष्ठा के बाद हनुमंत यज्ञ की पूर्ण आहुति हुई। पूर्ण आहुति में बद्रीनाथ वाले महाराज पवन सिंह, भाजपा सांसद मनोज तिवारी और मंत्री प्रतिमा बागड़ी ने भी हिस्सा लिया। बता दें, बागेश्वर बालाजी का दूसरा मंदिर उसी राज्य में बना है, जिसमें पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को दरबार में पर्ची लिखने पर चुनौती मिली थी।दरअसल, पंडित धीरेंद्र शास्त्री का महाराष्ट्र के भिवंडी में बीते 5-11 अप्रैल के बीच श्रीमद्भागवत कथा और इसके बाद हनुमत महायज्ञ चल रहा था। जिसका सोमवार को समापन हुआ है। सबसे पहले पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने एक बुजुर्ग महिला का आशीर्वाद लिया, इसके बाद प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए।
बता दें, करीब दो साल पहले पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने नागपुर में अपना दिव्य दरबार लगाया था। इसे लेकर अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति के संस्थापक और नागपुर की जादू-टोना विरोधी नियम जनजागृति प्रचार-प्रसार समिति के सह-अध्यक्ष श्याम मानव ने पुलिस को शिकायत की थी। मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा- नागपुर में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा 5 से 13 जनवरी होनी थी। आमंत्रण पत्र और पोस्टर में भी 13 जनवरी तक कथा का जिक्र था। कथा पूरी करने के दो दिन पहले ही वे नागपुर से चले गए।
श्याम मानव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दरबार को डर का दरबार बताया और कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि दिव्य दरबार में धीरेंद्र शास्त्री भक्तों के नाम और नंबर से लेकर कई चीजें बताने का दावा करते हैं। हमने उनके ऐसे वीडियो देखे थे। हमने उन्हें ऐसे दावों को सिद्ध करने को कहा था।बागेश्वर सरकार ने स्वीकारा नागपुर की समिति का चौलेंजरूबोले- रायपुर आ जाओ, फ्री में बताऊंगा, ठठरी बांध दूंगारू श्याम मानव ने दिया जवाब