इंदौर। सनातन धर्म की शक्ति और एकता का प्रतीक भगवान श्री विष्णु के छठे अवतार भगवान श्री परशुराम की जयंती इस वर्ष इंदौर में अभूतपूर्व उत्साह और भव्यता के साथ मनाई जाएगी। सर्व ब्राह्मण युवा संगठन द्वारा आयोजित यह शोभायात्रा सनातन संस्कृति के गौरव को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। शोभायात्रा शास्त्र और शस्त्र के समन्वय से सनातन धर्म की एकता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करेगी।
30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन शाम 6 बजे दीनदयाल उपाध्याय चौराहा स्थित भगवान परशुराम मंदिर से शोभायात्रा प्रारंभ होगी। हजारों समाज जन इस शोभायात्रा का हिस्सा बनेंगे जो सनातन हिन्दू समाज की एकजुटता और अखंडता का संदेश देंगे। जिस प्रकार भगवान श्री राम केवल क्षत्रिय समाज के नहीं और भगवान श्री कृष्ण यादव समाज के नहीं बल्कि समस्त हिन्दू समाज के प्रेरणा स्त्रोत हैं, उसी तरह भगवान श्री परशुराम भी संपूर्ण सनातनियों के आराध्य हैं।
संगठन ने सभी सनातन हिन्दू समाज से इस शोभायात्रा में शामिल होने का आह्वान किया है। शोभायात्रा आईटीआई रोड, हीरानगर थाने की ओर से मुड़कर फिर मंदिर पर समाप्त होगी। इसमें नासिक के ढोल, उज्जैन की श्री महाकाल डमरू मंडली, आदिवासी नृत्य, भगवान परशुराम से प्रेरित झांकियां, चलित भजन संध्या, बैंड, घोड़े और बग्गियां शामिल होंगी।
मातृशक्ति और संत समाज के नेतृत्व में यह यात्रा आगे बढ़ेगी। कार्यकर्ता पारंपरिक धोती-कुर्ता और महिलाएं चुनरी ड्रेस कोड में भाग लेंगी। शोभायात्रा से पहले ब्राह्मण समाज और अन्य समुदायों की विशिष्ट विभूतियों का सम्मान किया जाएगा। समापन पर भोजन प्रसादी वितरित होगी।