नीमच। प्रेमप्रकाश मण्डल अजमेर के संत रामप्रकाशजी (राजूराम सांई) एवं संत हनुमानलालजी के नीमच में अल्प प्रवास पर गत रविवार, दिनांक 20/04/2025 को भाग्येश्वर महादेव मंदिर स्थित गुरुद्वारा हाल में सुबह 9.30 से 10.30 बजे एवं शाम को 6 से 7.30 बजे तक संगीतमय दिव्य संकीर्तन सत्संग का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर संत ने अपने सारगर्भित प्रवचनों में गुरु महिमा और गुरु सेवा के महत्व का प्रतिपादन किया। उन्होंने कहा कि गुरु की सेवा और गुरु दरबार की सेवा से दुर्लभ से दुर्लभ वस्तुओं को भी प्राप्त किया जा सकता है। गुरु चरणों की सेवा और गुरु की कृपा से न केवल इस संसार में पद, पैसा, प्रतिष्ठा को ही नहीं, बल्कि उस दुर्लभ परम पद को भी प्राप्त किया जा सकता है, जो देवताओं के लिए भी दुष्कर है। सत्संग में उन्होंने बताया कि जो मनुष्य इस संसार में रहकर भी कमल पुष्प के समान संसार से निर्लिप्त रहता है, वह सदा पूजनीय वंदनीय हो जाता है। संतों, महंतों की सेवा करने से तकदीर की रेखाएं बदल जाती हैं। सत्संग पूर्व भाग्येश्वर महादेव मंदिर समिति के अध्यक्ष गुरमुखदास दादवानी, उपाध्यक्ष रमेश अंदानी, कोषाध्यक्ष सुरेश आहूजा सहित अन्य पदाधिकारी, पूज्य सिंधी पंचायत के सचिव राजेश सोनी, मीडिया प्रमुख लोकेंद्र फ़तनानी एवं सुखमणि मंडल बहराणा समिति के द्वारा संत श्री का पुष्प माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। स्वागत सत्कार की पावन बेला में संत श्री ने मंदिर समिति के अध्यक्ष को आशीर्वाद स्वरूप सुखड़ी प्रदान की गई। सत्संग पश्चात आरती, पल्लव, अरदास कर हाथ प्रसादी वितरित की गई। इस अवसर पर सैंकडों की संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर बड़े ही आनंद, उमंग और श्रद्धा से सत्संग का श्रवण पान किया।