नीमच। जिले के जीरन तहसील के गांव केलूखेड़ा व बामनिया के बीच स्थित ग्राम हमेरिया में प्राचीन व चमत्कारी श्री महिषासुर मर्दिनी माता मंदिर के शिखर स्वर्ण कलश प्रतिष्ठा महोत्सव पंचकुंडीय सतचंडी महायज्ञ और भागवत कथा का दिव्य आयोजन 25 अप्रैल को विशाल कलश यात्रा से होगा। 1 मई को मंदिर के शिखर पर कलश स्थापना व पूर्णाहुति के साथ महोत्सव संपन होगा।
इस दौरान प्रतिदिन राष्ट्रीय संत श्रीश्री 1008 स्वामी सुदर्शनाचार्य जी महाराज के मुखारविंद से भागवत कथा होगी। 25 अप्रैल से 1 मई तक पंचकुंद्रीय सतचंडी महायज्ञ, भागवत कथा और स्वर्ण कलश प्रतिष्ठा महोत्सव श्री मेवाड़ पीठाधीश्वर पूज्य गुरुदेव श्रीश्री 1008 स्वामी सुदर्शनाचार्य जी महाराज, गोपाल आश्रम बड़ी सादड़ी (राजस्थान) के सानिध्य और यज्ञाचार्य पं. विक्रम जी शास्त्री आचार्यत्व में होगा। महोत्सव के तहत 25 अप्रैल को सुबह 7 बजे बैंडबाजों के साथ विशाल कलश यात्रा निकलेगी। हमेरिया सहित आसपास के गांवों की 50 से ज्यादा बालिकाएं मलखंभ के करतब दिखाते हुए चलेंगी। बैंडबाजों व ढोल के साथ फूलों से सजी बग्गियों में स्वामी सुदर्शनाचार्य जी महाराज और यज्ञाचार्य पं. शास्त्री विराजित होंगे और भक्त श्रीमद् भागवत कथा शिरोधार्य किए चलेंगे। दूसरी तरफ हमेरिया सहित आसपास की 500 से ज्यादा महिलाएं कलश शिरोधार्य किए शामिल होगी। कलश यात्रा ग्राम बामनिया मार्ग स्थित फार्म हाउस से प्रारंभ होकर कार्यक्रम स्थल माताजी मंदिर पहुंचेगी। जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पंचकुंडीय सतचंडी महायज्ञ और भागवत कथा प्रारंभ होगी। आयोजन समिति के सचिव प्रहलाद पाटीदार बामनिया ने बताया कि 25 अप्रैल से प्रतिदिन मंदिर के शिखर पर स्वर्ण कलश स्थापना को लेकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना होगा। प्रतिदिन दोपहर 12 से शाम 4.30 बजे तक भागवत कथा श्रीश्री 1008 स्वामी सुदर्शनाचार्य जी महाराज द्वारा सुनाई जाएगी। वहीं प्रतिदिन सुबह 7 से 11.30 बजे और शाम 5 से 7 बजे तक पंच कुंडीय सतचंडी महायज्ञ यज्ञाचार्य पं. विक्रम जी शास्त्री आचार्यत्व में होगा।
1 मई को मंदिर के शिखर पर स्वर्ण कलश प्रतिष्ठित करने के साथ महायज्ञ की पूर्णाहुति, कथा विश्राम व महाआरती होगी और शाम 4 बजे से महहासादी का आयोजन होगा। सचिव पाटीदार ने बताया कि कार्यक्रम स्थल के समीप ही विशाल मेला भरेगा। इसके लिए छोटे-बड़े झूले-चकरी के साथ मनिहारी सहित अन्य दुकानें भी लगेगी।