खरगोन। शहर की सबसे बड़ी एवं पहली औद्योगिक इकाई जवाहरलाल नेहरू सहकारी सुतमिल पिछले दो साल से आर्थिक मंदी का हवाला देकर बन्द कर दी गई है। अचानक बन्द हुई फैक्टरी से करीब 400 से अधिक श्रमिक बेरोजगार हो गए है। मिल बन्द होने के बाद से कर्मचारी दोबारा कामकाज शुरू होने की आस में लगातार धरना प्रदर्शन, ज्ञापन, रैली जैसे आंदोलन कर रहे है। शुक्रवार को फिर कर्मचारियों ने एकजुट होकर कलेक्टर ओर एसपी से मामले में हस्तक्षेप की मांग की। कलेक्ट्रेट पहुंचे श्रमिको ने बताया करीब 30 से 35 वर्षाे से मिल मे कार्यरत थे, वर्तमान में प्रबंधन श्रमिकों के शोषण पर आमादा हो गया और एक माह के लिये मिल बन्द करने की सूचना देकर प्रवेश रोक दिया गया जिसके बाद आज तक कोई सुध नही ली। हमारी मांग है कि सुतमिल में आर्थिक घोटाला हुआ है जिसकी जांच की जाय।