उज्जैन। मंगलवार को कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद देश भर में गुस्सा है। इधर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बयान के बाद उज्जैन में साधु-संतों ने हाथों में हथियार लेकर पाकिस्तान और आतंकियों पर गुस्सा निकाला।
साधु-संतों ने कहा कि जरूरत पड़ी तो हम भी तैयार हैं। सरकार हमको इजाजत दे। नागा साधुओं की फौज हिन्दुओं पर हुए अत्याचार का बदला लेने के लिए तैयार है। संत को शास्त्र और शस्त्र दोनों का ज्ञान होता है। भारत सरकार ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया तो संत सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे।
पहलगाम में हुई आतंकी घटना पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बयान दिया है कि ष्हम साफ-साफ कहते हैं। अब तो मान लो कि आतंकवाद का धर्म होता है। वो धर्म है इस्लाम। क्यों इस धर्म के लोग आगे आकर ये नहीं कहते कि जो लोगों को मारते हैं वो मुसलमान नहीं हो सकते हैं।
इस बयान के बाद उज्जैन के साधु-संत भी शंकराचार्य के साथ नजर आ रहे हैं। संतों ने एक साथ होकर पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने हाथों में तलवार लेकर पाकिस्तान पर हमले के लिए नागा साधुओं को छूट देने की मांग रखी।
अखाड़ा परिषद के स्थानीय अध्यक्ष रामेश्वर दास महाराज ने कहा-
संत समाज आक्रोशित है। छोटा सा पाकिस्तान ऐसी हिमाकत करता है। इस बार ऐसी शिक्षा दे दो की कभी इस तरह की हरकत नहीं करें। संत शस्त्र उठाने के लिए तैयार है। सरकार संत को छूट दे।
इस मामले में संत मुनीश्वर दास ने कहा कि- आतंकियों ने मासूम लोगों की निर्मम हत्या की। आतंकियों का धर्म क्या होता है। एक ही धर्म के लोग यह सब कर रहे हैं। ये बहुत ही निंदनीय है।
महंत विशाल दास महाराज ने कहा-
दुखी है संत समाज, धर्म पूछकर गोली चलाते हो। निहत्थे पर गोली चलाई। भारत सरकार अनुमति दे तो हम नागा साधुओं की फौज तलवार लेकर तैयार है।
महावीर नाथ महाराज ने कहा-
आतंकवादी तुम लोगों में से पैदा हो रहे हैं। हमको शास्त्र और शस्त्र का ज्ञान है। पाकिस्तान और आतंकियों को कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए।