नीमच। 20वीं सदी के प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती शांति सागर जी महाराज के पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधि 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ (36) पीछी के साथ नीमच की लाल माटी पर मंगलवार सुबह 8 बजे बारादरी चौराहा पर पधार रहे हैं। जहां से दिगंबर जैन समाज जनों द्वारा पांद प्रक्षालन कर भव्य अगवानी की जाएगी। दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष विजय विनायका जैन ब्रोकर व मीडिया प्रभारी अमन विनायका ने बताया कि आचार्य श्री संघ का मंगल प्रवेश कल 29 अप्रैल मंगलवार को सुबह नीमच की पावन धरा पर पाद प्रक्षालन एवं बैंडबाजों की मधुर स्वर लहरियों के साथ होने जा रहा है।
मार्ग में भी स्थान स्थान पर तोरण द्वार लगाए गए व पाद प्रक्षालन कर समाज जनों द्वारा भव्य अगवानी की जाएगी और आशीर्वाद ग्रहण किया जाएगा। आचार्य श्री का जुलूस नया बाजार, घंटाघर, जाजू बिल्डिंग, पुस्तक बाजार होते हुए दिगंबर जैन मंदिर पहुंचेगा। जुलूस दिगंबर जैन मंदिर पहुंचकर धर्मसभा में परिवर्तित हो जाएगा।