नीमच। शहर के 18 वर्षीय युवा आर्टिस्ट बबलू पिता रमेश चंद्र डांगी का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। बबलू डांगी ने अपनी कला का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए चावल के दो लाख दाने से 7 दिनों में भगवान तिरुपति बालाजी की 2 फीट ऊंची प्रतिमा को बेहतरीन आकार देकर यह उपलब्धि हासिल की है। बबलू स्क्रैच आर्टिस्ट है।
पूरे भारतवर्ष में स्वयं का नाम एक प्रतिष्ठा प्राप्त करें इस बात से स्व प्रेरित होकर सुवाखेड़ा के निवासी बबलू डांगी ने इंदौर से अपनी कोचिंग से 7 दिनों की छुट्टी ली, अपने काम में जुट गया और रिकॉर्ड कायम कर दिया।
बबलू डांगी ने बताया कि वह सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में कक्षा 12वीं में अध्यनरत है। यहीं से उसे प्रेरणा मिली। भगवान तिरुपति बालाजी की कलाकृति बनाने में बबलू डांगी ने एक्रेलिक कलर का उपयोग किया और ड्राइंग शीट पर तिरुपति बालाजी की प्रतिमा बना डाली। बेहद आकर्षक ढंग से तैयार की गई प्रतिमा को जिसने देखा वह दंग रह गया और दांतों तले उंगलियां दबा ली।
बबलू डांगी ने बताया कि कुछ दिन पहले उसने एक वीडियो देखा था जिसमें एक कलाकार द्वारा पत्ते पर पेंटिंग कर भगवान राम और माता सीता के चित्र उकेरे थे। इसके बाद बबलू के मन में कुछ अलग करने का विचार पैदा हुआ और उसने चावल के दाने से यह प्रतिमा बनाई। इंडिया बुक का रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने पर बबलू को सर्टिफिकेट, मेडल, पेन और बैच आदि प्रदान किया गया है।
बबलू की इस उपलब्धि पर विधायक दिलीप सिंह परिहार ने भी उन्हें सम्मानित किया। इस कलाकृति को बनाने में बबलू ने प्रतिदिन सुबह 11 से शाम 7.00 बजे तक का समय दिया। अब बबलू ने चावल के दाने से ही मालवा की वैष्णो देवी भादवा रानी की 9 फीट ऊंची प्रतिमा बनाने के लक्ष्य पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। बबलू डांगी का लक्ष्य है गिनीज बुक में अपने नाम पर रिकॉर्ड दर्ज कराना।