मंदसौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सेक्टर कॉन्क्लेव जैसे प्रमुख औद्योगिक आयोजन उन्हीं स्थलों पर आयोजित किए जाएं, जहां औद्योगिक गतिविधियां पहले से ही चल रही हैं। मुख्यमंत्री ने ये भी कहा है कि आयोजन केवल जिलों के मुख्यालयों तक सीमित नहीं रहें, दूरदराज के अंचलों और औद्योगिक संभावना वाले क्षेत्रों में भी उनका विस्तार किया जाए , जिससे प्रदेश का हर कोना औद्योगिक उन्नति से जुड़ें।
उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 में प्रस्तावित कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी विभागों और एजेंसियों को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि साल भर के लिए तैयार किए गए कार्यक्रम कैलेंडर के अनुसार सभी गतिविधियों का आयोजन हो और हर माह इनकी प्रगति की बारीकी से समीक्षा करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन क्षेत्रों की ओर भी विशेष ध्यान दे, जहां औद्योगिक गतिविधियां अपेक्षाकृत धीमी रही हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में सेक्टर-केंद्रित आयोजनों और विशेष प्रयासों के माध्यम से औद्योगिक विकास और रोजगार उत्पन्न करने की प्रक्रिया को तेज गति से किया जाए।
3 मई को मंदसौर में कृषि मेला उन्नत तकनीकों का प्रदर्शन होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मप्र के हर संभाग में कृषि मेले लगाए जाएंगे। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से होने वाले यह आयोजन आधुनिक कृषि तकनीकों, खाद्य प्रसंस्करण ईकाईयों और कृषि में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित होंगे। 3 मई को मंदसौर जिले में कृषि मेला आयोजित किया जाएगा,जिसमें उन्नत कृषि यंत्र,बीजों के प्रकार,आधुनिकतम यंत्र,खेती की उन्नत तकनीकों का प्रदर्शन होगा।