भोपाल। मध्य प्रदेश में अक्षय तृतीया पर मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत भव्य आयोजन हुआ। प्रदेश में सैकड़ों जोड़े विवाह के बंधन में बंधे। सीएम डॉ मोहन यादव ने उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया।
जिसका कभी क्षय नहीं हो वो अक्षय है- सीएम डॉ मोहन
बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वीसी के माध्यम से विभिन्न जिलों में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलनों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज अक्षय तृतीया है और इस दिन जो मिलता है वो हमेशा बढ़ता ही जाता है। जिसका कभी क्षय नहीं हो, वो अक्षय है। उन्होंने बताया कि इस सुअवसर पर छिंदवाड़ा में 929, पन्ना में 915, आनंदधाम शिवपुरी में 80, इंदौर में 121, पंधानिया जिला धार में 80, ग्राम नयागांव जिला हरदा 80 में बेटियां विवाह के बंधन में बधी हैं।
एकाग्रता के साथ समांजस्य स्थापित करना जरूरी
सीएम डॉ मोहन ने सभी नवदंपतियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि मनुष्य जन्म वर्षों के पुण्य का फल है और सनातन संस्कृति में प्रत्येक व्यक्ति को जीवनकाल में 16 संस्कारों से होजर गुजरना होता है। विवाह के बाद परिवार में सुख-दुख का वातावरण कभी न कभी बना ही रहता है, लेकिन परिवार की मर्यादा सदैव बनाए रखें। स्मार्टफोन और डिजिटल युग में रिश्तों में कोई संकट न आए, इसके लिए पति-पत्नी दोनों को एकाग्रता के साथ समांजस्य स्थापित करना जरूरी है।
सामूहिक विवाह से अनावश्यक खर्चों से मिलती है मुक्ति
उन्होंने आगे कहा कि सामूहिक विवाह के आयोजनों से विवाह में होने वाले कई अनावश्यक खर्चों से मुक्ति मिलती है। सभी नवदंपती शासन की योजनाओं का लाभ लें और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए कार्य करें। इस वर्ष बजट में बहन बेटियों के कल्याण के लिए 27 हजार 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मध्य प्रदेश के मॉडल को कई राज्य अनुसरण कर रहे हैं। राज्य सरकार औद्योगिक विकास और महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से नारी सशक्तिकरण और कृषकों की आय बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है।