मंदसौर। जिले के सुवासरा तहसील ग्राम धलपट के रहने वाले किसान जितेंद्र पाटीदार (9770269992) जेपी ऑर्गेनिक खेती के माध्यम से सालाना 20 से 25 लाख रुपए कमा रहे है। किसान जितेंद्र पाटीदार ने बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग से पढ़ाई की। उसके बाद ये अपनी खेती-बाड़ी के काम में लग गए। इनके पिताजी पहले से ही परंपरागत तरीके से खेती किया करते थे, लेकिन इन्होंने नवीन तरीके, उन्नत खेती, बागवानी की खेती करने का मन बनाया। उन्नत खेती के लिए उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया वहां से इनको जानकारी मिली।
इन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त किया और विभाग से ही एकीकृत बागवानी मिशन योजना अंतर्गत 1 लाख 80 हजार का लोन लिया। इसके साथ ड्रिप सुविधा मिली। जिससे पूरे 29 बीघा में ड्रिप के माध्यम से सिंचाई करते हैं। इसके बाद ये अपने खेतों में मिक्स इंटरक्रॉपिंग की खेती करने लगे। जिसमें ये सीताफल, अमरुद और संतरे की इंटरक्रॉपिंग खेती करते हैं। 29 बीघा में ये फलोद्यान की खेती करते हैं। जिसमें उन्होंने 10 हजार अमरूद के पौधे लगा रखे है। 2 हजार 700 संतरे के पौधे लगा रखे है। जिससे इन्होंने 10 से 12 लोगों को रोजगार भी दिया है। सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है की संपूर्ण 29 बीघा की बागवानी खेती में ये विद्युत वितरण कंपनी की लाइट बिल्कुल भी उपयोग नहीं करते हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सोलर ऊर्जा के माध्यम से 1 लाख 35 हजार का लोन लेकर सीएम सोलर ऊर्जा योजना अंतर्गत खेत पर ही सोलर प्लेट लगाए। उससे बिजली का उत्पादन कर रहे हैं और इस बिजली का उपयोग खेती की सिंचाई, ड्रिप सिंचाई में कर रहे हैं। बागवानी की खेती से जो फल आते हैं उनकी इतनी डिमांड रहती हैं कि, व्यापारी खुद उनके खेत से आकर ही खरीद लेते हैं। उनके पास में चंडीगढ़, जयपुर, हिसार दूर-दूर से व्यापारी आकर फल ले जाते हैं। खुद को बेचने की जरूरत नहीं पड़ती है। बागवानी के साथ यह नर्सरी भी करते हैं। काला गेहूं, हल्दी, चिया सीड, अलसी, धनिया, अजवाइन, पपीता, तुलसी, अरहर की खेती भी करते हैं। किसान पाटीदार का कहना है कि, किसानों को आधुनिक खेती करना चाहिए। विशेष तौर पर खेती के काम में सौर ऊर्जा का प्रयोग करना चाहिए। जिसमें कम से कम बिजली खपत होती है। साथ ही सौर ऊर्जा में पैसे की बहुत बचत होती है। खेत पर ही फ्री में बिजली उत्पन्न हो जाती है। जिसका उपयोग हम खेती में सिंचाई और लाइट के लिए कर सकते हैं।