जबलपुर। नेमा हार्ट केयर हॉस्पिटल में आग लगने के बाद स्वास्थ्य विभाग जाग गया और अस्पताल का पंजीयन निरस्त कर दिया है। बिना फायर एनओसी के अस्पताल का संचालन किया जा रहा था। बीते मंगलवार को नेमा हार्ट अस्पताल आग लगी थी। आग लगने के दौरान मरीज बाल बाल बचे थे।
हादसे के बाद स्वास्थ्य विभाग जाग गया है। जानकारी के अनुसार अब शहर के 153 अस्पतालों की जांच होगी। तीन स्तरों पर अस्पतालों की जांच होगी। आग लगने से रोक के इंतजाम, पर्यावरण संरक्षण एवं भवन निर्माण एंगल से जांच होगी। जांच में बिल्डिंग की स्थिति, मरीज का ध्यान और अस्पताल के उपलब्ध सुविधाओं को भी देखा जाएगा।
यह था मामल
शहर के दीनदयाल चौक स्थित नेमा हार्ट हॉस्पिटल में देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बिल्डिंग पर अचानक आग लग गई। आग लगने की खबर से पूरे अस्पताल परिसर में भगदड़ की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि आतिशबाजी के चलते अस्पताल में आग लगी है। वहीं घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई। अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को सुरक्षित निकालकर अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।