निम्बाहेड़ा। निम्बाहेड़ा पंचायत समिति क्षेत्र के ग्राम गादोला में अक्षय तृतीया अनुठे व पारम्परिक रूप से मनायी जाती है।
आखातीज के शुभ अवसर पर गांव के पंच-पटेल और किसान सज-धज कर और पारम्परिक वेशभूषा धोती-कुर्ता व साफा धारण कर अपने बैलों और हल को लेकर खेतों की और जातें हैं व महिलाएं सिर पर खेत की मिट्टी लेकर कतारबद्ध होकर आतीं हैं व शुभमुहूर्त में अन्नदात्री कृषि भूमि, कृषि उपकरण व बैलों की पूजा कर आखातीज के अवसर पर कृषि कार्य का शुभारम्भ किया जाता है, तत्पश्चात समस्त ग्रामीणजन खुशियां मनाते, नाचते-गाते व गैर खेलते हुए समस्त ग्राम की परिक्रमा करते हैं।
गांव के बुजुर्ग ग्रामीण बताते हैं कि यह परम्परा इस गांव में सौ से भी अधिक वर्षों से चली आ रही है। परम्परा के अनुसार ग्रामीणजन सज-धज कर खेत पर जाते हैं और सात प्रकार के अनाजों की बुवाई कर किसानों के लिए आने वाले ज़माने का अनुमान लगाते हैं। तत्पश्चात नाचते-गाते एवं गैर करते हुए खुशियां मना कर नये कृषि कार्य प्रारम्भ करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार यह अनुठी परम्परा क्षेत्र में केवल इसी गांव में मनाई जाती है जिसमें भाग लेने के लिए जनप्रतिनिधि व आसपास के अन्य गांवों से भी बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित होते हैं।
इसी क्रम में आज आखातीज के अवसर पर खेती का पूजन कर अच्छी फसल के लिए मुहूर्त किया गया। इस अवसर पर सरपंच देवीलाल रावत, बापू लाल पटेल, घनश्याम मीणा, कालू सेन, श्यामलाल शर्मा, बाबूलाल गायरी, राजेश मीणा,गोविंद गायरी,सीताराम गायरी,घनश्याम रावत, प्रकाश मीणा, कैलाश धाकड़, राधेश्याम रावत,पारस जैन, लादूराम कुमावत, चांदमल, अशोक कुमार जैन,रामनिवास गायरी, विनोद मीणा, लक्ष्मण कुमावत, चुन्नीलाल, अर्जुन गायरी,पंकज रावत, मदन मीणा, उदय सेन आदि उपस्थित थे।