नीमच। शहर के वात्सल्य भवन में आज अन्नपूर्णा सेवा न्यास के तत्वाधान में सनातन सामाजिक समरसता सामूहिक विवाह सम्मेलन का ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। 11 वर वधूओं ने एक साथ, एक मंडप में सात फेरे लिए और जीवन साथी बने। सामूहिक विवाह का आयोजन पूरे सनातन संस्कृति, विधि विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। हर्षाेल्लास के साथ सामूहिक विवाह में शामिल बाराती और परिजन बैंड बाजा और ढोल नगाड़ों की थाप पर खूब थिरके। जमकर शहनाइयां बजी। वरमाला के बाद 11 जोड़ों की बिंदौली बग्गियों में सवार होकर शहर के मुख्य मार्गों पर निकली।
अन्नपूर्णा सेवा न्यास द्वारा भव्य रूप से आयोजित विशाल सनातन सामाजिक समरसता सामूहिक विवाह सम्मेलन में कुछ समय के लिए मौसम ने बाधा डाली लेकिन आयोजकों ने त्वरित रूप से सारी व्यवस्थाएं बेहतरीन ढंग से अंजाम दे दी। इस सामूहिक विवाह सम्मेलन में 11 दांपत्य सूत्र में बंधने वाली 11 वधूएं नीमच जिले के शहरी और अलग अलग ग्रामीण क्षेत्रों से है। अन्नपूर्णा सेवा न्यास के संयोजक राकेश जैन ने बताया कि आर्थिक से कमजोर वधूओं का विवाह पूरी भव्यता के साथ हो। छुआछूत की भावना से ऊपर उठकर सनातन धर्म का वैभव बुलंद हो इसी उद्देश्य से सनातन सामाजिक समरसता सामूहिक विवाह सम्मेलन काआयोजन किया गया। व्यापक तैयारी के साथ यह आयोजन अपने उद्देश्य में पूरी तरह सफल रहा। कार्यक्रम सुबह सुबह 7.30 गणपति स्थापना के साथ प्रारंभ हुआ। तोरण और वर्णमाला के पश्चात बिंदोली और चल समारोह व पानी ग्रहण संस्कार का कार्यक्रम हुआ। भोजन प्रसादी के बाद विदाई की रस्म अदायगी की गई।
अन्नपूर्णा सेवा न्यास द्वारा सदस्यों के माध्यम से कन्यादान में उपहार स्वरूप करीब 50000 के आभूषण, गृहस्थी का आवश्यक सामान बर्तन,अलमारी आदि प्रदान की गई। इस ऐतिहासिक और अलौकिक क्षण के साक्षी के रूप में अतिथि साधू-संत,जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में अन्नपूर्णा सेवइयां और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के महिला पुरुषों ने बढ़ चढ़कर अपना योगदान दिया।