मंदसौर। शहर के व्यवसायी कपिल गर्ग का उज्जैन के रामघाट पर शव मिला। उनके साथ गए दोस्त लापता हैं, न ही फोन उठा रहे। ऐसे में लोगों को कपिल की सामान्य मौत नहीं लग रही। इस मामले में अग्रवाल समाज ने उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा से मुलाकात की। समाज के प्रतिनिधियों ने रविवार रात को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। बताया गया कि कपिल गर्ग ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े थे। वह 27-28 अप्रैल को अपने दोस्तों युगपाल बन्ना और विश्वजीत तोमर के साथ हेरिटेज होटल पर देखे गए। 28 अप्रैल की रात को उन्हें राणा जी की होटल पर कुलदीप पुरोहित और अनिरुद्ध के साथ देखा गया। इसके बाद कपिल ने घर पर फोन कर बताया कि वह दोस्तों के साथ महाकाल के दर्शन के लिए जा रहे हैं। 29 अप्रैल को कपिल का शव उज्जैन के रामघाट पर मिला। उनके साथ गए दोस्तों ने न तो परिवार को घटना की जानकारी दी और न ही उनके फोन लग रहे हैं। कपिल के पास मौजूद सोने की चेन, अंगूठी, नगद राशि और मोबाइल अभी तक नहीं मिले हैं। परिवार का कहना है कि कपिल अच्छा तैराक था, इसलिए उनका डूबकर मरना संदेह पैदा करता है। उपमुख्यमंत्री देवड़ा ने मृतक के पिता सत्यप्रकाश गर्ग को आश्वासन दिया कि वे उज्जैन के आईजी से चर्चा कर मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाएंगे। पुलिस को इस मामले में पहले ही विस्तृत जानकारी दी जा चुकी है।