चीताखेड़ा। विगत कुछ दिनों से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने से मौसम की अठखेलियां चल रही है, इसी के चलते सुबह -शाम तो मौसम में ठंडक रहती है किन्तु दोपहर में धूप तीखी होकर चुभने लगती है। इस कारण मानव शरीर के स्वस्थ पर कुप्रभाव पड़ता जा रहा है। ज्यादातर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सर्दी -जुखाम के साथ बुखार के चपेट में आ रहे हैं, बच्चों, बुजुर्गों के लिए दिक्कत पैदा कर रहा है। सोमवार को अल सुबह से ही आसमान में बादल मंडराने लगे और देखते ही देखते सुबह 9 बजे एक बार फिर सुबह 5 बजे जैसा आभास करा दिया,अंधेरा छा गया और हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। दोपहर को तेज धूप निकली जिससे लोग पसीने से तरबतर हो गये, शाम साढ़े चार बजे बाद एक बार फिर आसमान में काली घटाएं छा गई कुछ ही देर बाद आधे घंटे तक तेज बारिश के साथ दो मिनट तक काबूली चने के आकार के ओले गिरे।
सोमवार को अगोरिया गांव के नेता पर्वत सिंह जाट के पुत्र निखिल जाट की शादी समारोह कार्यक्रम खेत में विशाल पंडाल सजाया गया और 6 से 7 हजार लोगों को सहभोज रखा गया। लेकिन अचानक बारिश से सारी व्यवस्थाएं चरमरा गई। अंचल में बेमौसम हो रही बारिश ने जहां ठंडक का माहौल बना दिया है, वहीं कुछ क्षेत्रों में तो ओलावृष्टि तक हुई है, किंतु यह ठंडक जितनी राहत देने वाली है उतनी ही चेतावनी भी दे रही है। यह कहावत है कि अचानक गर्मी, फिर अचानक बारिश और इससे अचानक ही ठंडक उपजना मानव शरीर के लिए बुरा असर डाल सकता है। गांव में इसे शीत गर्मी (शरतगर्मी) होना अर्थात ठंडक व गर्मी एक साथ होने से बीमार हो जाना कहते हैं। ऐसे मौसम में सब्जी, फूल व फलों की खेती करने वाले किसानों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम इन दिनों मनमानी का खेल खेल रहा है। कहीं बारिश तो कहीं ओले गिर रहे हैं। इसी के साथ भीषण गर्मी भी चल रही है इन वजहों से यह समय स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने का है।