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May 6, 2025, 11:34 am
NEWS : चित्तौड़गढ़ के शिवलोक कॉलोनी में श्रीमद् भागवत कथा जारी, डॉ कुसुम कामिनी शर्मा ने कहा- भक्त है जब ही भगवान है पर भक्त बिना भगवान भी अधूरे हैं, पढ़े रेखा खाबिया की खबर 

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चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ मुख्यालय के शिवलोक कॉलोनी में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह में बड़ी संख्या में धर्म प्रेमी उमड़ रहे हैं। श्रीमद् भागवत कथा में कथावाचक डॉक्टर कुसुम कामिनी शर्मा नें अपने श्री मुख से कथा का वाचन करते हुए कहा कि व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए, चाहे उसका परिणाम कुछ भी हो। व्यक्ति को कर्मों के फल की चिंता नहीं करनी चाहिए और उसे अपनी बुद्धि और ज्ञान का प्रयोग करना चाहिए। जो व्यक्ति सुख-दुख में समान रहता है और उसे अपनी इंद्रियों और मन पर नियंत्रण रखता है, वह स्थिर बुद्धि वाला होता है। हमें अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए, चाहे वह कितना भी कठिन क्यों न हो। हमें बिना फल की इच्छा के कर्म करना चाहिए और सुख-दुख को समान रूप से सहन करना चाहिए। हमें आत्मा की शाश्वतता पर विश्वास करना चाहिए और मोह और डर से मुक्ति प्राप्त करनी चाहिए। आत्मा अद्भुत है और इसे हर कोई पूरी तरह से नहीं समझ सकता है। जो शरीर में रहता है, वह कभी नहीं मारा जा सकता, इसलिए शोक की कोई आवश्यकता नहीं है। जो व्यक्ति भोग की इच्छा से मुक्त होता है, जो खुद को कर्ता के रूप में नहीं देखता, वह स्थायी शांति प्राप्त करता है। इसके अलावा, अगर कोई मृत्यु के समय भी ऐसा ही रहता है, तो वह भगवान के राज्य में प्रवेश कर सकता है। मनुष्य का समर्पण भाव है ईश्वर प्राप्ति का साधन है भगवान श्री कृष्णा नें स्वयं कहा है कि जो भी भक्ति पूर्ण समय मुझे पुकारता है मैं उसी का हो जाता हूं भगवान श्री कृष्णा स्वयं कहते हैं भक्त है जब ही भगवान है पर भक्त बिना भगवान अधूरे हैं
वही इस संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में शनिवार को नारद भक्ति,आत्मदेव कथा, राजा परीक्षित प्रसंग हुए। वहीं रविवार को ध्रुव चरित्र शिव सती चरित्र प्रसंग हुए। बड़ी संख्या में भक्तजन कथा का श्रवण करने पहुंच रहे हैं और इस कथा में बंटी  नागर, राजेश सुमन, विक्रम पंडित और लखन महावर वाद्य यंत्रों पर साजिंदो कि भूमिका निभा रहें है।

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