नीमच। शहर में आज अन्नपूर्णा सेवा न्यास द्वारा दो व्यक्तियों के देहदान के लिए संकल्प पत्र भरवाकर वीरेंद्र कुमार सकलेचा मेडिकल कॉलेज को सौंपे गए। देहदान का संकल्प लिया है- बिना पति कृष्ण कुमार रस्तोगी और कृष्ण कुमार पिता मुसद्दीलाल रस्तोगी ने। इन दोनों व्यक्तियों द्वारा घोषणा की गई है कि हमारी मृत्यु के पश्चात हमारी देह को मेडिकल कॉलेज के छात्रों के अनुसंधान के लिए दान किए जाएं।अन्नपूर्णा सेवा न्यास की ओर से संयोजक राकेश पप्पू जैन, प्रकाश मंडवारिया, वीरेंद्र जायसवाल पुरुषोत्तम शर्मा की उपस्थिति में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ आदित्य बेराड़, शरीर रचना विभाग की डॉक्टर फातिमा अली और डॉ मृदुल त्रिपाठी को देहदान की घोषणा करने वाले बिना रस्तोगी और कृष्ण कुमार रस्तोगी के संकल्प पत्र दिए गए।
इस मौके पर डॉक्टर फातेमा अली ने कहा कि यह बहुत सराहनीय और साहसिक कदम है। मेडिकल कॉलेज के छात्रों के अनुसंधान और समाज सेवा के दृष्टिकोण से देहदान एक महान मानव सेवा है। उन्होंने कहा कि मेडिकल दृष्टिकोण से मानव देह का कोई विकल्प नहीं है। राकेश पप्पू जैन ने कहा कि देहदान एक ऐसा महादान है कि मृत्यु के बाद भी आप जीवित रहते हैं। आपका शरीर करने के बाद भी किसी के काम आता है।
बताते चलें कि अन्नपूर्णा सेवा न्यास नीमच अंचल में लगातार समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। भोजन प्रसादम रथ, स्वास्थ्य शिविर, दिव्यांग जनों के लिए ट्राईसाईकिल और उसके हूड, मेडिकल और चिकित्सा की सुविधा आदि अनेक प्रकल्प अन्नपूर्णा सेवा न्यास द्वारा संचालित किए जाते हैं।