नीमच। एक तरफ मानसून आने में कुछ ही दिन का समय बाकी बचा है। दूसरी तरफ नीमच शहर के प्रमुख नाले जलकुंभी और कचरे से पटे पड़े है। नालों की गंदगी शहर की सुंदरता को चौपट कर रही है और नीमच नगर पालिका की उदासीनता स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रही है। नालों की इस बदहाल स्थिति से नालों के आसपास रहने वाले हजारों लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई का अभियान सार्थक और व्यवस्थित ढंग से नहीं चलाया गया तो बाढ़ के हालात बनने की आशंका प्रबल हो जाएगी। जरा सी बारिश में यह नाले उफान पर आ जाते हैं। नालो के आसपास दर्जनों बस्तियां और कॉलोनियां स्थित है। जरा सी भी कोताही या लापरवाही नालों के आसपास के रहवासियों की जान और माल के नुकसान का बड़ा कारण बन सकती है।
संजीवनी तालाब, नीमच सिटी का नाला, महू रोड प्राइवेट बस स्टैंड वाला नाला, गुप्ता नर्सिंग होम माधोपुरी बालाजी, नीमच सिटी रोड या फिर अंबेडकर कॉलोनी, शिव घाट और एकता कॉलोनी वाले नाले की बात की जाए सभी जगह गंदगी और जलकुंभी की भरमार है। कचरे और जलकुंभी के कारण बारिश से बहाव प्रभावित होता है। घरों में पानी घुस जाने, जहरीले जानवरों और बीमारियों का डर लोगों को सता रहा है। लोग दहशत में है। पहले भी नाले के आसपास रहने वाले क्षेत्रवासी जान और माल से हाथ हो चुके हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा का कहना है कि शहर में फैले नालों की सफाई का अभियान शुरू कर दिया गया है। हमारी कोशिश है कि 15 जून तक शहर के नालों की सफाई कर दी जाए। जलकुंभी हटाने के लिए संसाधन जुटाने की कोशिश की जा रही है।