कुकड़ेश्वर। नाग पंचमी के पावन अवसर पर कुकड़ेश्वर में सूर्यवंशी कुमरावत तंबोली समाज द्वारा पारंपरिक रूप से भव्य चल समारोह का आयोजन किया गया। धार्मिक उत्सव की शुरुआत 22 जुलाई से तंबोली धर्मशाला में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के साथ हुई, जिसमें पं. दिलीप त्रिवेदी के मुखारविंद से श्रीकृष्ण लीलाओं का रसपान कराया गया। कथा का समापन 28 जुलाई को भव्य महाआरती के साथ हुआ।
नाग पंचमी के दिन समाजजन पान माता, नागदेव और लक्ष्मीनाथ भगवान की विधिवत पूजा-अर्चना कर चल समारोह के रूप में नगर भ्रमण पर निकले। यह शोभायात्रा लक्ष्मीनाथ मंदिर से प्रारंभ होकर नीम चौक, सदर बाजार, बस स्टैंड, ब्राह्मण मोहल्ला, लोहार मोहल्ला होते हुए रंगारा चौक से तमोली मंदिर पहुंची।
चल समारोह में महिलाएं, पुरुष व बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-ढमाके, बैंड-बाजे और डीजे की धुन पर नाचते नजर आए। जगह-जगह नगरवासियों द्वारा फूलों की वर्षा कर चल समारोह का स्वागत किया गया और श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की गई। यह दृश्य भक्तिभाव और सामाजिक सौहार्द का अनुपम उदाहरण बना।
समापन पर तमोली मंदिर में महाआरती एवं प्रसाद वितरण के बाद धर्मशाला परिसर में समाजजन के लिए सामूहिक भोज आयोजित किया गया। यह आयोजन समाज की एकता, परंपरा और आस्था का प्रतीक बनकर नगर में विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।