सरवानिया महाराज। उज्जैन बिना रेलिंग की पुलिया से गिरी कार ने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए इस पुलिया से गिरी कार ने तीन लोगों की जान ले ली। इधर जावद जनपद पंचायत के ग्राम ढाबा की पुलिया पर रेलिंग लगाने से पहले एक लाख चगरने का खेल हो गया था।पिछले सालों में इसी पुलिया पर पानी में बहकर असमय मौत की घाट उतरें थे दो लोग तो क्षेत्रिय विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने एक लाख रुपए रेलिंग लगाने के लिए वर्ष 2023 मे स्वीकृत कर दिए थे , मगर 2025 में मामला सामने आया तो पंचायत के जिम्मेदार आनन-फानन में जंग लगे लोहा लंगर से रेलिंग लगा आये , लोगों की जान माल से खिलवाड़ के इस मामले में ग्राम पंचायत की क्या मानवता मर गई थी , लोग पानी में बहकर मर रहे थे और पंचायत कागजों में रेलिंग लगा रही थी। अब लंबी जांच के बाद जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव ने सचिव देवीलाल वर्मा को सस्पेंड कर दिया है।
हमारे संभाग मुख्यालय पर पिछले चार-पांच दिन पहले घटी हृदय विदारक घटना ने समुचे उज्जैन जिला प्रशासन को चिंता में डाल दिया , खबर आई कि एक कार क्षिप्रा नदी में अनियंत्रित होकर गिर गई जिससे सवार एक टीआई अशोक शर्मा , एक एसआई मदनलाल निनामा और एक महिला कांस्टेबल आरती पाल की मौत हो गई है और पहले टीआई फिर एसआई और मंगलवार को क्षिप्रा में नदी में गिरी कार के साथ उसकी पिछली सीट पर महिला कांस्टेबल की डेथ बाॅडी भी मिल गई है। यह सब हम इसलिए बता रहे हैं कि नीमच जिला मुख्यालय से करीब दो सो किलोमीटर दूर घटी इस घटना से नीमच में भी हताहत परिवार के प्रति लोगों में दया करुणा का भाव नजर आया हरकोई गमगीन है भावपूर्ण श्रद्धांजलि लोग देते नजर आए हैं। लेकिन नीमच जिला प्रशासन की नाक के निचे जनपद पंचायत जावद की ग्राम पंचायत आमलीभाट के ग्राम ढाबा की पुलिया पर रेलिंग लगाने के नाम के एक लाख रुपए में 62 हजार रुपए निकालकर राशि चगरने की कोशिश में पंचायत के सचिव सरपंच को लंबे समय तक बचाने के लिए आफिस आफिस का खेल खेला गया। सारे मानवीय मूल्यों को दरकिनार कर दिया गया , ढाबा की पुलिया पर जिन लोगों की जाने गई है उनको विस्मृत कर दिया गया है। ग्राम ढाबा की इस पुलिया पर अगर पहले से ही रेलिंग लगी होती तो शायद दो लोगों की जान को बचाया जा सकता था। इस पुलिया का मामला जब जावद विधायक ओमप्रकाश सखलेचा के सम्मुख आया तो सखलेचा ने मानवीय मूल्यों को ध्यान में रखकर विधायक निधि से ग्राम ढाबा की पुलिया पर रेलिंग लगाने के लिए अप्रेल 2023 में एक लाख रुपए स्वीकृत कर जिला योजना मंडल के जरिए ग्राम पंचायत आमलीभाट को निर्माण एजेंसी बनाते हुए तीन माह में रेलिंग लगाने के कार्य को पूरा करने की कहा। लेकिन बताते सरपंच और सचिव ग्राम पंचायत आमलीभाट ने विधायक निधि से रेलिंग लगाने की बजाए बिना रेलिंग लगायें ही राशि चगरने का काम कर डाला और कागजों में पुलिया पर चकाचक रेलिंग लग गई , मनासा की एक फर्म को 62 हजार रुपए दे दिए, और बचा खुचा कुछ रुपया और उक्त मद से निकाल लिया गया धरातल पर पुलिया पर रेलिंग लगी ना डंडा , पुलिया पर तो 2025 के जुन महिने की 24 तारीख को रेलिंग लगाने का काम तब शुरू किया गया जब इस सीजन की 19 जुन 2025 को पहली बारिश मे ग्राम ढाबा की इस पुलिया पर पानी उपर तक आ गया और आवागमन बंद हो गया। पहली बारिश मे पुलिया पर पुर पानी के समाचार लगें तो ग्राम पंचायत आमलीभाट के उपसरपंच हरिश तंवर ने मामले की पड़ताल कर ग्राम ढाबा की इस हाईलाइट पुलिया पर रेलिंग निर्माण कार्य के एक लाख रुपए के गबन की शिकायत जिला कलेक्टर हिमांशु चंद्रा से कर मामले में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने का आग्रह किया , फ्रैश छवि के डीएम चंन्द्रा ने उक्त मामले को जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव के पास भेजकर एसडीएम प्रीति संघवी नाहर जावद से जांच प्रतिवेदन मांगा। एसडीएम प्रीति संघवी नाहर ने 16 जुलाई 2025 को जांच में पाया कि पंचायत सचिव सरपंच ने मिलकर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया कार्य में लापरवाही मानते हुए पंचायत विधान के अनुसार पंचायत सचिव पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु जिला पंचायत को प्रस्ताव सहित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उस प्रतिवेदन पर पुनः जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव ने फिर से आफिस आफिस का खेल खेला और अपने हिसाब से फिर से मामले में नोटिस जारी कर रेलिंग लगाने के मामले में जवाब तलब कियाऔर पंचायत सचिव का फिर से वो ही जवाब। अब वैष्णव साहब की अदालत ने फिर से इस मौत की हाईलाइट पुलिया के मामले में फिर से जावद जनपद पंचायत सीईओ आकाश धुर्वे से नीमच की जिला पंचायत ने कार्यवाही प्रतिवेदन मांग लिया गया है। विश्वसनीय सुत्र बताते हैं कि पंचायत के लापरवाह लोगों पर कार्यवाही का जावद जनपद का प्रतिवेदन सीईओ अमन वैष्णव साहब की टेबल पर पुट अप कर दिया गया था उसके बाद बुधवार को ग्राम पंचायत आमलीभाट के लापरवाह सचिव देवीलाल वर्मा को सस्पेंड कर दिया गया। सरपंच पर कार्रवाई अभी पेंडिंग हैं।
सचिव ग्राम पंचायत आमलीभाट ने नोटिस के जवाब में एक वेल्डर के माथे दोष मढ़ दिया था , कहा कि वैल्डिंग करने वाले की लापरवाही और मजदूर नहीं मिलने के कारण ग्राम ढाबा की पुलिया पर दो साल तक रेलिंग निर्माण कार्य में देरी हुई है पुलिया का काम सरपंच देख रहे थे, ऐसा सचिव ने जांच अधिकारी को लिखित जवाब में सबमीट किया। आखिरकार ये लापरवाह वेल्डर कोन है और अगर वेल्डर की लापरवाही से दो साल तक रेलिंग का लोहा लंगर जंग खाता रहा तो पंचायत ने वेल्डर के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। क्यों नहीं उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया गया। दो साल से क्या कर रहे थे पंचायत आमलीभाट के सरपंच सचिव।
बताते हैं इस लापरवाह वेल्डिंग वाले ने ग्राम ढाबा की पुलिया के लोड़ा लंगर को करीब दो साल तक अपने घर पर पटक कर रखा जिससे उस रेलिंग के लोड़ा लंगर को जंग लग गया। भ्रष्टाचार और लापरवाही के दाग़ पंचायत के जिम्मेदारों पर लगने लगे। सरपंच सचिव रेलिंग लगाने के मामले में नपने लगे तो लापरवाह वेल्डिंग वाला अपने ताम झाम लेकर ग्राम ढाबा स्थित पुलिया पर पहुंच गया और ग्राम ढाबा स्थित पुलिया पर करीब दो साल बाद रेलिंग लगाने का काम शुरू कर दिया गया था।