BREAKING NEWS
KHABAR : विश्व मानव तस्करी निरोधक दिवस पर शाजापुर.. <<     KHABAR : विश्व मानव तस्करी निरोधक दिवस पर शाजापुर.. <<     श्रावण के पहले दिन मेहरबान हुए मेघ, शिवालयों.. <<     KHABAR : नीमच में नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के.. <<     अज्ञात कारणों के चलते पति-पत्नी की मौत,.. <<     शाजापुर के तिंगजपुर के जंगल में आसमान से गिरा.. <<     VIDEO NEWS: नीमच में विवाहिता की संदिग्ध मौत पर बवाल,.. <<     गुरु पूर्णिमा पर इंद्रटेकरी और मेहरजा में.. <<     KHABAR : दतिया उपचुनाव, मतदान जारी, कांग्रेस-.. <<     खरगोन जिले में जर्जर सड़क से परेशान.. <<     BIG NEWS : शराब, प्रताड़ना और संदिग्ध मौत! परिजनों ने.. <<     BIG NEWS : सोशल मीडिया पर क्रूरता का प्रदर्शन पड़ा.. <<     BIG REPORT : 300 करोड़ की सड़क पर उठे गुणवत्ता के सवाल,.. <<     KHABAR : श्रावण के पहले दिन मेहरबान हुए मेघ,.. <<     KHABAR : मुरैना में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी.. <<     NEWS : मालवा-मेवाड़ के शहंशाहे वली हज़रत.. <<     KHABAR : अज्ञात कारणों के चलते पति-पत्नी की मौत,.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
July 30, 2026, 10:51 am
NEWS : मालवा-मेवाड़ के शहंशाहे वली हज़रत अब्दुल्लाह शाह (घोड़ादेह वाले बाबा) का 67वां सालाना उर्स मुबारक अकीदत के साथ संपन्न, पढ़े खबर 

Share On:-

निम्बाहेड़ा। मालवा-मेवाड़ के शहंशाहे वली हज़रत अब्दुल्लाह शाह (घोड़ादेह वाले बाबा) का 67वां पांच दिवसीय सालाना उर्स मुबारक इस वर्ष भी पूरे अकीदत, शानो-शौकत एवं धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। उर्स के अवसर पर राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में जायरीन दरगाह शरीफ पहुंचे और बाबा की मजार पर चादर एवं अकीदत के फूल पेश कर मुल्क में अमन, भाईचारे, खुशहाली और तरक्की की दुआएं मांगीं।

उर्स के अंतिम दिन कुल की रस्म के दौरान दरगाह परिसर में दिनभर जायरीनों की भारी भीड़ उमड़ती रही। पूरा वातावरण रूहानियत, इबादत और सूफियाना रंग में सराबोर नजर आया। श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाकर अपनी मुरादों की दुआ की।

उर्स के दौरान अकीदतमंदों के लिए विशाल लंगर का आयोजन भी किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने शिरकत कर तबर्रुक प्राप्त किया। वहीं देश के ख्यातनाम कव्वालों ने अपनी शानदार सूफियाना कव्वालियों और कलामों की प्रस्तुतियों से देर रात तक महफिल को रौनक बख्शी। इश्क-ए-रसूल और औलिया-ए-किराम की शान में पेश किए गए कलामों ने उपस्थित जायरीनों को भाव-विभोर कर दिया।

उर्स का समापन 28 जुलाई 2026 को बाद नमाज़-ए-मगरिब कुल की रस्म के साथ हुआ। इस अवसर पर सज्जादानशीन, खादिमान एवं बड़ी संख्या में उपस्थित अकीदतमंदों ने देश में अमन-चैन, सामाजिक सद्भाव, तरक्की एवं इंसानियत की सलामती के लिए विशेष दुआएं कीं।

हर वर्ष की भांति इस बार भी हज़रत अब्दुल्लाह शाह (घोड़ादेह वाले बाबा) का सालाना उर्स आपसी भाईचारे, मोहब्बत और सूफी परंपरा के अमर संदेश का साक्षी बना। हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने इस धार्मिक आयोजन की भव्यता को और अधिक यादगार बना दिया।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE