कुण्डलिया। कुण्डलिया के समीप स्थित प्रसिद्ध धार्मिक एवं आस्था के केंद्र बामनिया माताजी धाम में समस्त गुरु भक्तों के सहयोग से आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् देवी भागवत कथा का भव्य समापन गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कथा के अंतिम दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे और धर्मलाभ प्राप्त किया।
संपूर्ण कथा का संगीतमय एवं भावपूर्ण वाचन परम श्रद्धेय गोभक्त पंडित बलराम शास्त्री ने किया। उन्होंने कथा के माध्यम से देवी महिमा, गुरु के महत्व तथा सनातन संस्कृति के आदर्शों पर आधारित प्रेरणादायी प्रसंगों का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, सदाचार एवं मानव कल्याण का संदेश दिया। उनके ओजस्वी प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विशेष महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर माता रानी का पूजन-अर्चन किया। इसके पश्चात प्रसादी वितरण एवं विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें आसपास के अनेक गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
पूरे आयोजन के दौरान बामनिया माताजी धाम श्जय माता दीश् के जयघोषों एवं भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने आयोजन की भव्यता एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र की धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक चेतना का अनुपम उदाहरण बताया।