शाजापुर। मध्यप्रदेश शासन पशुपालन एवं डेयरी विभाग, द्वारा धार्मिक, व्यवसायिक तथा विभिन्न तरह की संस्थाओं के माध्यम से वाणिज्यिक गतिविधियों के संचालन से गौशालाओं का स्वावलम्बी मॉडल तैयार करने के लिए मध्यप्रदेश स्वावलंबी गौशालाओं (कामधेनू निवास) की स्थापना की नीति 2025 लागू की गई है। नीति के अनुसार न्यूनतम 5000 गौवश के पालन हेतु 130 एकड़ भूमि अनुबंधित की जा सकेगी। इसके अतिरिक्त प्रति 1000 गौवंश की वृद्धि पर 25 एकड अतिरिक्त भूमि का प्रावधान है। इसके लिए राज्य शासन ने 30 सितम्बर 2025 तक निविदाएं आमंत्रित की हैं।
प्रदेश में 14 जिलों, जिसमें शाजापुर जिला भी शामिल हैं जहाँ स्वावलंबी कामधेनु गौशाला का निर्माण होना है। प्रावधान अनुसार उपलब्ध भूमि पर निविदा प्रक्रिया के माध्यम से निराश्रित गौवश के पालन के साथ-साथ चयनित निवेशकों द्वारा गोपालन, नस्ल सुधार, पचगव्य, दुग्ध प्रसंस्करण, कृषि, चारा विकास, उद्यानिकी, उर्जा, जैविक खाद, आयुष तथा पर्यटन के क्षेत्रों में वाणिज्यिक गतिविधियां संचालित की जा सकेगी।