नीमच जिले के भोलियावास गांव में एक किसान के साथ बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ग्राम निवासी मोहनलाल पिता किशनलाल, जाति बागरी, ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है कि उसकी कृषि भूमि को “केवाईसी“ के बहाने विश्वास में लेकर धोखे से रजिस्ट्री करवा ली गई।मोहनलाल का कहना है कि उसकी कुल 0.37 हेक्टेयर कृषि भूमि में से 0.12 हेक्टेयर भूमि ग्राम के ही एक व्यक्ति रामगोपाल पिता देवीलाल द्वारा यह कहकर हथिया ली गई कि केवाईसी नहीं करवाई गई तो सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। अशिक्षित किसान को विश्वास में लेकर तहसील कार्यालय में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए और बाद में पता चला कि भूमि की रजिस्ट्री रामगोपाल के नाम हो चुकी है।जब मोहनलाल कुछ समय बाद खेत पर पहुंचा, तो रामगोपाल ने उसे खेत से भगा दिया और दावा किया कि वह यह जमीन खरीद चुका है। इसके साथ ही रामगोपाल और उसके परिवार द्वारा न केवल जान से मारने की धमकी दी गई, बल्कि जातिसूचक शब्दों से भी अपमानित किया गया।मोहनलाल ने बताया कि उसने नामांतरण से पहले ही आपत्ति प्रस्तुत कर दी थी, इसके बावजूद नामांतरण रामगोपाल के नाम हो गया। पहले भी शिकायतें की गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।किसान ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला एक सुनियोजित साजिश के तहत किया गया। मोहनलाल ने पुलिस अधीक्षक से मामले में धोखाधड़ी, धमकी, फर्जीवाड़ा और अनुसूचित जाति उत्पीड़न अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।