BREAKING NEWS
NEWS : खरडेश्वर महादेव मंदिर में 300 किलो खीर का.. <<     NEWS : आंजना-जाट की अनुशंसा पर आदिवासी कांग्रेस.. <<     BIG REPORT : लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर.. <<     NEWS : नगर निकाय चुनाव और अमित शाह के प्रस्तावित.. <<     KHABAR : सीएम डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी को लिया.. <<     BIG NEWS : लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर.. <<     KHABAR : सूफियाना कव्वाली के साथ हजरत नसरुल्लाह.. <<     KHABAR : तिरंगा यात्रा में गूंजे देशभक्ति के नारे,.. <<     पोलायकलां में पीएम आवास योजना पर उठे सवाल,.. <<     KHABAR : श्रीराम मंदिर में पहली बार मनाई जाएगी.. <<     KHABAR : जाजू कॉलेज में 13 अगस्त को होगा विशाल.. <<     शिक्षा और संघर्ष,चापड़ा के किसान पुत्र शुभम.. <<     BIG REPORT : जिला स्तरीय जनसुनवाई शिविर में 18 सीएम.. <<     खरगोन में झमाझम बारिश से कई इलाके जलमग्न,.. <<     KHABAR : जाजू कॉलेज में तिरंगा रैली और भाषण.. <<     KHABAR : भारतीय व्यापारी महोत्सव में शामिल होगा.. <<     BIG NEWS : कैबिनेट बैठक, भोपाल-विदिशा फोरलेन समेत.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
October 26, 2025, 1:46 pm
BIG REPORT : एक साथ दो ओटी में ऑपरेशन, भोपाल एम्स में ब्रेन डेड युवक से हार्ट और किडनी ट्रांसप्लांट, तीन मरीजों को नई जिंदगी मिली, पढ़े खबर 

Share On:-

भोपाल। रविवार सुबह 4 बजे एम्स भोपाल के तीन ऑपरेशन थिएटरों में जीवन और मौत की एक अद्भुत कहानी लिखी गई। 37 वर्षीय ब्रेन डेड युवक से एक ओटी में दिल और किडनी निकालकर दूसरी तरफ इन अंगों से तीन मरीजों की जिंदगी बचाई गई। एम्स भोपाल में यह दूसरी बार है जब ब्रेन डेड मरीज के अंगों ने तीन लोगों की जिंदगी बचाई। डॉक्टरों की टीम पूरी रात तैयारी में जुटी रही। सुबह 4 बजे जीवनदान की जटिल प्रक्रिया शुरू हुई। 

एक एम्स भोपाल में और दूसरी एक निजी अस्पताल में। निजी अस्पताल तक किडनी सुरक्षित पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। अंगदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंगदाता को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। एम्स के आईपीडी ब्लॉक पर इसके लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। एम्स में दो ऑपरेशन थिएटर में अलग-अलग मरीजों के लिए हार्ट और किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया जारी रही। वहीं, एक किडनी ट्रांसप्लांट बंसल अस्पताल में भी चल रही थी।  हार्ट ट्रांसप्लांट के मरीज के इलाज के लिए राज्य सरकार ने 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की। 37 वर्षीय युवक कुछ दिन पहले हेड इंजरी के साथ एम्स भोपाल में भर्ती हुआ था। इलाज के दौरान ब्रेन रिस्पॉन्स बंद होने पर परिवार की सहमति से डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित किया। चार डॉक्टरों की टीम ने छह घंटे के अंतराल पर दो बार रिफ्लेक्स और एपनिया टेस्ट कर पुष्टि की। कानूनी रूप से यह मृत्यु मानी गई। इस प्रक्रिया से तीन मरीजों को नई जिंदगी मिली और एम्स में अंगदान के क्षेत्र में एक और मिसाल कायम हुई।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE