नीमच। जिले की ग्राम पंचायत चल्दू के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिमखेड़ा के ग्रामीणों में इन दिनों कृपा बायोटेक कंपनी के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर नीमच के नाम ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि कंपनी बिना पंचायत अनुमति के अवैध रूप से फैक्ट्री संचालित कर रही है तथा उसका जहरीला रासायनिक पानी सीधे रेतम नदी, नालों और तालाबों में छोड़ा जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी केमिकल वेस्ट को खुले में फेंक रही है, जिससे आसपास के क्षेत्र का पानी प्रदूषित हो गया है। नदी का पानी पीने योग्य नहीं रहा, तेज बदबू फैल रही है, और खेतों की फसलें सूखने लगी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि दूषित पानी पीने से दो गायों की मौत हो चुकी है और तालाब में मछलियाँ भी मर रही हैं।
साथ ही फैक्ट्री से आने-जाने वाले भारी ट्रकों के कारण सिमखेड़ा की सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जब उन्होंने 31 अक्टूबर को कंपनी प्रबंधन से बात करने की कोशिश की, तो अधिकारियों ने न केवल बात सुनने से इंकार किया बल्कि झूठे मुकदमों में फँसाने की धमकी तक दी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी-नालों में जहरीले केमिकल डालने पर तत्काल रोक लगाई जाए, टूटी सड़कों की मरम्मत कराई जाए, प्रदूषण से प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाए और कंपनी की वैध अनुमति एवं पर्यावरण स्वीकृति की जाँच की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। ग्रामवासियों ने कहा “हमारी धरती, हमारी नदी और हमारे खेत जहर से बर्बाद हो रहे हैं, अब हम चुप नहीं बैठेंगे।