नीमच। आज का सुबह का नजारा कुछ खास था। जब महिलाएँ दौड़ने निकलीं तो पूरे शहर ने मानो कदम थाम दिए, और हर ओर गूंजा She Runs The World! द पिनेकल ग्लोबल स्कूल द्वारा जितो लेडीज़ विंग के सहयोग से आयोजित महिला मैराथन 2.0 ने महिला सशक्तिकरण का अद्वितीय संदेश दिया।
भारत माता 40 चौराहे से शुरू हुई यह ऊर्जा से भरपूर दौड़ सीआरपीएफ सर्कल तक पहुँची। दौड़ में शामिल हर महिला के कदम जैसे यह घोषणा कर रहे थे अब हर दिशा में नारी ही नारी शक्ति का प्रतीक है। नीमच की सड़कों पर महिलाओं की उत्साह, आत्मविश्वास और हौसले की चमक देखते ही बनती थी।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथियों स्वाति चोपड़ा, डॉ. सुजाता गुप्ता, पूजा केपलानी, डॉ. प्रज्ञा जोशी और रिंकू राठौर ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि नारी शक्ति के नए युग की ओर बढ़ता कदम है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। सम्मानित की गईं प्रेरणादायक हस्तियाँ थीं
डॉ. माधुरी चौरसिया, शीला जारोर, रेणु जैन, प्रतिभा जैन, तसनीम हड्डीवाला, संध्या नायर, मोनिका मेहता, उमा भटनागर, सुधा सोलंकी, अनीता डबकरा और प्रीति संघवी। इन सभी महिलाओं ने अपने कार्यों, समर्पण और संघर्षों से यह सिद्ध किया कि सशक्त महिला ही सशक्त भारत की नींव रखती है।
विद्यालय के निदेशक एवं संस्थापक ने इस अवसर पर कहा कि यह मैराथन केवल दौड़ नहीं, बल्कि एक ऐसी क्रांति की शुरुआत है जिसमें हर महिला अपनी राह खुद तय करती है। जब एक महिला आगे बढ़ती है, तो पूरी दुनिया उसके साथ कदम मिलाती है।
कार्यक्रम का सफल संचालन नफीसा रस्सीवाला ने किया, जबकि द पिनेकल ग्लोबल स्कूल की ओर से डॉ. नरजीत कौर के नेतृत्व में पूरी टीम ने इस आयोजन को शानदार और प्रभावशाली बनाया। जुम्बा, संगीत और ऊर्जा से भरी गतिविधियों ने इस आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया।
कुल मिलाकर, महिला मैराथन 2.0 ने नीमच में नारी शक्ति, सकारात्मक परिवर्तन और सामाजिक जागरूकता का संदेश मजबूती से दिया।