उज्जैन। जिला पंचायत, उज्जैन द्वारा वार्षिक कालिदास हस्तशिल्प एवं हाथकरघा मेला आगामी 24 नवंबर 2025 तक प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक कालिदास अकादमी प्रांगण में आयोजित हो रहा है। मेले में एक ही स्थान पर विविध प्रकार की बहुउपयोगी सामग्री उपलब्ध है। मेले में प्रतिदिन शहर वासियों एवं आस-पास के लोग बड़ी संख्या में आ रहे है। इस वर्ष मेले में आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला पंचायत द्वारा लैदर उत्पादों के लिए एक पृथक सेक्शन विकसित किया गया है, जिसमें एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार की लैदर वस्तुएँ उपलब्ध हैं। इस सेक्शन में लैदर के बैग, वॉलेट, जूते-चप्पल, बेल्ट सहित अनेक उपयोगी उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।मेले का एक प्रमुख आकर्षण पंजाब से आई पारंपरिक और आधुनिक लैदर जूतियां हैं, जिनमें डेली वेयर, पार्टी वेयर एवं कपड़े के सैंडल भी सम्मिलित हैं। साथ ही पंजाब की प्रसिद्ध फुलकारी कढ़ाई वाले सूट, दुपट्टे एवं साड़ियां भी आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित कर रही हैं।मेले में हाथ से निर्मित पेंटिंग्स भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। प्राचीन गोंड चित्रकला (GI Tag प्राप्त) के अलावा शिव–पार्वती की नवीन शैली की सुंदर पेंटिंग्स, लैंडस्केप पेंटिंग्स और विविध कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं, जो मेले की शोभा को और अधिक भव्य बना रही हैं।उज्जैन वासियों एवं आगंतुकों के लिए यह मेला कला, संस्कृति एवं विविधता का अद्वितीय संगम प्रस्तुत कर रहा है। जिला पंचायत उज्जैन ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे बड़ी संख्या में मेले का भ्रमण कर देश के विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति एवं हस्तशिल्प को नजदीक से अनुभव प्राप्त कर उचित सामग्री अपने लिए क्रय कर सकते है।