मंदसौर। अभिभाषक संघ मंदसौर ने घोषणा की है कि वह 3 दिसंबर 2025 को न्यायालयीन कार्य से विरत रहेगा। इस संबंध में संघ ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मंदसौर को अवगत कराया है।
संघ द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि भारत सरकार द्वारा श्रम कानूनों में किए गए हालिया संशोधनों के कारण श्रम न्यायालयों को लगभग समाप्त किए जाने जैसा वातावरण निर्मित हो रहा है, जबकि मंदसौर-नीमच जैसे बड़े जिलों में श्रम न्यायालयों का अस्तित्व अत्यंत आवश्यक है। इससे श्रमिकों एवं पक्षकारों को न्याय के लिए महानगरों में भटकना नहीं पड़ेगा।
अभिभाषक संघ ने कहा कि श्रम न्यायालयों से संबंधित यह निर्णय न्याय हित में अनुचित है। इसी प्रकार, पिछले 25 वर्षों से उज्जैन से कमिश्नर कैम्प का आयोजन मंदसौर में होता आ रहा था, जिसे अब बंद कर दिया गया है। संघ ने बताया कि इस निर्णय के विरोध में पूर्व में कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन कोई समाधान न निकलने से वकीलों में असंतोष व्याप्त है।
इन्हीं मुद्दों के विरोध में अभिभाषक संघ ने आगामी 3 दिसंबर 2025 को न्यायालयीन कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है। इस आशय की सूचना जिला न्यायालय प्रशासन को प्रेषित कर दी गई है।