नीमच। मादक पदार्थों की तस्करी में नीमच जिले का कनेक्शन एक बार फिर सामने आया है। मादक पदार्थ विरोधी कार्यबल (एएनटीएफ) जयपुर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो नाकाबंदी तोड़कर भागने के बावजूद पुलिस की पकड़ से बच नहीं सके। करीब 10 किलोमीटर तक चले हाई वोल्टेज पीछा अभियान के बाद दोनों वाहनों को धरदबोचा गया। कार्रवाई में 1 क्विंटल 85 किलो अवैध डोडा पोस्त, जिसकी बाजार कीमत लगभग 28 लाख रुपए बताई जा रही है, बरामद किया गया है। आरोपियों से डोडाचूरा लाने के संबंध में गहन पूछताछ की गई है।
नाकाबंदी तोड़कर भागे, लेकिन बच नहीं पाए-
एटीएस महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि मध्यप्रदेश से राजस्थान की ओर अवैध डोडा पोस्त की बड़ी खेप सप्लाई की जा रही है। सूचना के आधार पर मादक पदार्थ विरोधी कार्यबल जयपुर की टीम ने चित्तौड़गढ़ जिले के शंभूपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत राजपुरा गांव के तिराहे पर नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान एक काले रंग की लग्जरी जीप और एक कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस को देखते ही वाहन चालक नाकाबंदी तोड़कर तेज रफ्तार में भाग निकले। टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों वाहनों का पीछा किया और करीब 10 किलोमीटर तक दौड़ाने के बाद दोनों वाहनों को पकड़ लिया।
दोनों आरोपी नीमच जिले के निवासी-
तलाशी के दौरान दोनों वाहनों से कुल 1.85 क्विंटल अवैध डोडा पोस्त बरामद किया गया। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र उर्फ जीतू (29) पिता भोपाल सिंह सोधिया निवासी पिपलिया नाथावत जिला नीमच मध्यप्रदेश और जितेंद्र सिंह (30) पिता खुमानसिंह सोधिया निवासी बेलारी जिला नीमच मध्यप्रदेश के रूप में हुई है।
फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल-
पुलिस जांच में सामने आया कि तस्करी में प्रयुक्त दोनों वाहनों पर अलग-अलग नंबर प्लेट लगी हुई थीं। इतना ही नहीं, वाहनों के अंदर से तीन अतिरिक्त नंबर प्लेट भी बरामद की गई हैं, जिससे साफ है कि तस्कर पुलिस को गुमराह करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से फर्जीवाड़ा कर रहे थे।
एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज, जांच जारी-
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और तस्करी के नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने नीमच जिले के धनेरिया और अरनिया माली गांव से जुड़े कुछ अन्य तस्करों के नाम भी कबूल किए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
कार्रवाई में इनकी रही अहम भूमिका-
यह कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के मार्गदर्शन में की गई। इसमें एएनटीएफ चौकी चित्तौड़गढ़ और पुलिस थाना शंभूपुरा की विशेष भूमिका रही। एटीएस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि इस सफल कार्रवाई में शामिल टीमों को आगामी विशेष कार्यक्रम में एएनटीएफ मुख्यालय पर सम्मानित किया जाएगा।