नीमच। परीक्षा अवधि के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी भी प्रकार की बाधा न हो, इसके लिए नीमच कलेक्टर हिमांशु चन्द्रा ने जिले में शोर-शराबे पर सख्त प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 6 अप्रैल 2026 तक प्रभावशील रहेगा।
प्रशासनिक आदेश के अनुसार अब जिले में किसी भी शादी, पार्टी, धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में लाउडस्पीकर, डीजे, बैंड अथवा प्रेशर हॉर्न बजाने से पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति के इन उपकरणों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
आयोजनों के लिए तय किए कड़े नियम
यदि अनुमति दी जाती है, तो एक कार्यक्रम में अधिकतम दो मध्यम आकार के लाउडस्पीकर या डीजे ही बजाए जा सकेंगे। साथ ही साउंड सिस्टम किराए पर देने वाले संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी आयोजन के लिए दो से अधिक साउंड मशीनें उपलब्ध न कराएं।
इसके अलावा रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार का साउंड सिस्टम बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
प्रेशर हॉर्न की बिक्री पर भी रोक
शोर नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने प्रेशर हॉर्न के स्टॉक, बिक्री और उपयोग पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है। कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और परीक्षा अवधि के दौरान विद्यार्थियों को शांत वातावरण उपलब्ध कराने में सहयोग करें।