झाबुआ। कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशानुसार जिले में किसानों के पंजीयन हेतु कुल 18 पंजीयन केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इन केंद्रों पर किसान निःशुल्क पंजीयन करवा सकेंगे।
निर्धारित पंजीयन केंद्रों में आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था झाबुआ, कल्याणपुरा, पेटलावद, रायपुरिया, बामनिया, झाकनावदा, सारंगी, करवड़, मठमठ, बोलासा, नौगांवा, राणापुर, रजला, पारा एवं कालीदेवी, सहकारी विपणन संस्था मर्या. थांदला, पेटलावद एवं मेघनगर शामिल हैं।
ऑनलाइन और निजी केंद्रों पर भी सुविधा
जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि इन सहकारी एवं सहकारी विपणन संस्थाओं के अलावा किसान सशुल्क अधिकृत एमपी ऑनलाइन, सीएससी सेंटर एवं निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी अपना पंजीयन करवा सकते हैं।
सिकमी, बटाईदार और वनपट्टाधारी किसानों के लिए विशेष व्यवस्था
सिकमी/बटाईदार एवं वनपट्टाधारी श्रेणी के किसानों का पंजीयन केवल सहकारी एवं सहकारी विपणन संस्था पर स्थापित पंजीयन केंद्रों पर ही किया जाएगा।
वनपट्टाधारी किसानों के लिए वन पट्टा, जबकि सिकमी/बटाईदार किसानों के लिए सिकमी/बटाईदार अनुबंध आवश्यक होगा। यह अनुबंध 02 फरवरी 2026 के पूर्व पंजीकृत होने पर ही मान्य होगा। अनुबंध की अधिकतम अवधि 5 वर्ष निर्धारित की गई है।
प्रशासन ने किसानों से समय पर पंजीयन कराने की अपील की है, ताकि आगामी प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की असुविधा न हो।