झाबुआ। जिले में प्राकृतिक खेती तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत साप्ताहिक जैविक हाट बाजार का आयोजन 6 फरवरी को रामा विकासखण्ड मुख्यालय पर किया गया है। इसमें बिना रासायनिक खाद, कीटनाशक रहित उगाए गए दाले, मसाले, फल, सब्जी, अनाज की बिक्री प्रमुख केंद्र रही। जैविक उपज बाजार का संचालन अंचल के जैविक, पारंपरिक, प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों द्वारा किया गया।
कलेक्टर नेहा मीना द्वारा विशेष पहल करते हुए जिले में जैविक उपज का साप्ताहिक बाजार लगाने के निर्देश कृषि, उद्या निकी जैसे कृषिगत विभागों को दिए गए। कलेक्टर के निर्देशों के पालन में 06 फरवरी 2026 शुक्रवार को दशहरा मैदान रामा में पृथक से जैविक उपज का हाट बाजार लगाया गया। जैविक बाजार में अंचल के जैविक और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों ने अपनी गुणवत्ता और पोषण से युक्त खाद्यान सामग्री आमजन को विक्रय के लिए उपलब्ध कराई। साप्ताहिक रूप से पृथक से लगाए गए जैविक उपज बाजार में किसानों द्वारा अपने खेत में उगाई देशी मक्का, अरहर दाल, उड़द दाल, मूंग की जैविक दाले, देशी चावल, कोदो, देशी किस्म की सेम, बैगन, अमरूद, देशी टमाटर, गाजर, मक्का के भुट्टे जैसे उत्पाद सुलभ कराए गए थे। इन जैविक उत्पादों की गुणवत्ता अंचल के आमजनों के लिए आकर्षण का केंद्र रही।
जिले के उप संचालक कृषि एन एस रावत ने स्वयं जैविक उपज बाजार में उपस्थित होकर अंचल के किसानों का उत्साहवर्धन करते हुए जैविक उपज सीधे किसानों से खरीदी। रावत ने कहा कि हर आम जागरूक व्यक्ति बिना रासायनिक खाद के उगाए गए खाद्यान्न, फल और सब्जी का उपयोग करना चाहता है। जिले में कई किसान, स्वयं सहायता समूह जैविक और प्राकृतिक खेती के माध्यम से सब्जियों, फलों तथा कोदो, कॅगनी, रागी जैसे अनाजों की खेती कर रहे हैं। जैविक बाजार के माध्यम से जैविक और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को अपने जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए उचित स्थान प्राप्त होता है। जिससे जैविक खेती करने वाले किसानों को अपनी उपज का समुचित दाम प्राप्त होने से उनके जैविक खेती करने के मनोयोग को संबल मिलेगा, अन्य कृषक भी जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। किसानों के मध्य जैविक और प्राकृतिक उत्पाद बेचने के लिए भरपूर उत्साह था और उनके द्वारा आमजनता से इस सुविधा का लाभ उठाने का आव्हान भी किया। जैविक बाजार में अपनी उपज विक्रय करने के लिए मुख्य रूप से ग्राम पलासड़ी के अनिल रामसिंह, ग्राम साड से कमती खुमान, नवापाड़ा रोटला के पुंजा भाभर जैसे अग्रणी पंक्ति के किसानों ने अपनी उपज विक्रय के लिए भागीदारी दर्ज की।
साप्ताहिक रूप से आयोजित होने वाले जैविक बाजार में कृषि विभाग के सहायक संचालक एस.एस.रावत, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ज्वाला सिंगाड़, तकनीकी प्रबंधक राजेश भूरिया, आरती गणावा, अमीषा चौहान द्वारा सक्रिय सहभागिता दर्ज करते हुए अपनी महती भूमिका निर्वाहित की गई।