शहडोल। जिले के ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम गंधिया में माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर विशाल जन सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब माता शबरी के भक्ति के गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाएंगे। विंध्य की पावन भूमि में चित्रकूट में भगवान श्री राम ने वनवास के 11 वर्ष से अधिक का समय बिताया। गंधिया ग्राम में भी भगवान के पावन चरण पड़े और उन्होंने माता शबरी को दर्शन दिए।
सच्चा वादा -पक्का काम ही राज्य सरकार की पहचान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय भाई- बहनों के सर्वांगीण विकास में जुटी है। जनजातीय भाई बहनों का राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण हो रहा है। उक्त आशय के विचार प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने धनपुरी नगर परिषद में आयोजित वाटर पार्क, स्वीमिंग पुल एवं क्लब हाउस के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
मुख्यमंत्री डॉ .यादव ने माता शबरी जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्होंने सारा जीवन रघुवर की प्रतीक्षा और प्रेम में समर्पित करने वाली निष्कपट भक्ति ,समर्पण और साधना की सर्वाेच्च प्रतीक शबरी मैया की प्रतीक्षा का फल केवल उन्हें ही नहीं मिला बल्कि स्वयं भगवान श्री राम को भी मिला। मनुष्य से मनुष्य का प्रेम ही सनातन संस्कृति की विशेषता है। उन्होने कहा कि समाज को भगवान राम से जातिगत भेदभाव खत्म करने की प्रेरणा भी लेनी चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज जिले के जयसिंहनगर जनपद क्षेत्र में सीतामढ़ी धाम ग्राम गंधिया में माता सबरी की प्रतिमा का अनावरण किया गया जो सीतामढ़ी धाम श्री रामपथ गमन मार्ग में आता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्री राम वन गमन की यात्रा आयोध्या से शुरू कर चित्रकूट होते हुए दण्डकारण्य होकर श्री लंका पहुंचे थे। इस यात्रा के दौरान 248 प्रमुख स्थलों में उन्होंने विश्राम किया था। शहडोल जिले का गंधिया ग्राम भी इन 248 चिन्हित स्थानों में से एक है। दण्डकारण्य में प्रवेश से पूर्व ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम माता सीता तथा अनुज लक्ष्मण का गंधिया ग्राम में विश्राम हुआ था। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे इस गांव में माता सीता की रसोई तथा भगवान श्रीराम मंदिर मौजूद है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 08 फरवरी को जयसिंहनगर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत गंधिया में आयोजित कार्यक्रम में 767 करोड़ की लागत वाले निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया गया। इन कार्यों में 633 करोड़ रूपए लागत वाले 82 निर्माण कार्यों का लोकार्पण हुआ।
इन कार्यों में जनजातीय कार्य विभाग के 27 कार्य लागत 33 करोड़, नगरीय प्रशासन विभाग के 02 कार्य लागत 28 करोड़, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के 05 कार्य लागत 25 करोड़, मध्यप्रदेश लोक निमार्ण विभाग के 05 कार्य लागत 20 करोड़, मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग भवन पीआईयू, के 02 कार्य लागत 10.74 करोड़, मध्यप्रदेश पूर्वी क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के 02 कार्य लागत 07 करोड़ 77 लाख, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 12 कार्य लागत 4 करोड़ 78 लाख, मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के 02 कार्य लागत 2करोड़ 39 लाख तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के 03 कार्य लागत 1.5 करोड़ की लागत वाले कार्य शामिल थे।
कार्यक्रम के दौरान सीधी सांसद ब्यौहारी विधायक जयसिंहनगर विधायक कमिश्नर कलेक्टर सहित भारी संख्या में अधिकारी कर्मचारी सहित ग्रामीण जन उपस्थित रहे।