उन्हेल। मनकामेश्वर महादेव भक्त महिला मंडल के तत्वाधान में छोटा तालाब स्थित चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस मानागांव की पावन तपोभूमि, व्यास पीठ की महिमा एवं श्रीमद् भागवत का महत्व बताते हुए कहा की मानागांव वह पवित्र स्थल है जहाँ महर्षि वेदव्यास जी ने वेदों का विभाजन एवं पुराणों की रचना की। श्रीमद्भागवत महापुराण को कलियुग में मोक्षदायिनी है उन्होंने कहा कि इसका श्रवण करने से जीवन पवित्र एवं सफल बन जाता है।
राजा परीक्षित के श्राप प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया गया। श्रृंगी ऋषि के श्राप के पश्चात राजा परीक्षित ने राज-पाट त्यागकर गंगा तट पर शुकदेव जी से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण किया और अंततः मोक्ष को प्राप्त हुए। व्यास जी ने कहा कि भागवत कथा मनुष्य को सांसारिक बंधनों से मुक्त कर प्रभु की भक्ति से जोड़ती है यह बात व्यासपीठ से भागवताचार्य श्री हरिओम पाराशर महाराज ने कही कथा के दौरान भगवान जगन्नाथ जी की मनोहारी झांकी से पूरा कथा पंडाल भाव विभोर हो गया।
इस अवसर पर कथा के मुख्य जजमान बालाराम बंबोरिया एवं प्रसादी के लाभार्थी परिवार शंकरलाल बंबोरिया साथ ही भेरूलाल हल्कारा, विकास जायसवाल सुमन सोनी, शिव बंबोरिया, रमेश बंबोरिया, ओमप्रकाश सोनी, योगेश सोनी, शर्मिला बुआ जी, संगीता गायकवाड, राहुल सोनी, संजय गेहलोत, आकाश वर्मा सहित अनेक श्रद्धालुजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।