नीमच। कहते हैं सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।” यह आज दिल्ली की माननीय अदालत के फैसले से सिद्ध हो गया, जिसमें कथित शराब घोटाले में सीबीआई द्वारा लगाए गए सभी आरोपों से आम आदमी पार्टी के उच्च स्तरीय नेताओं को बरी किया गया।
उक्त टिप्पणी करते हुए आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजी. नवीन कुमार अग्रवाल ने कहा कि इस निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि किस प्रकार भारतीय जनता पार्टी षड्यंत्र रचकर विभिन्न राज्यों में सत्ता हासिल करने का प्रयास करती रही है तथा संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाकर विपक्षी नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने का कार्य करती रही है।
अग्रवाल ने भाजपा के गृहमंत्री अमित शाह से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग करते हुए प्रश्न किया कि क्या वे पद छोड़ेंगे या इसी प्रकार संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा बनाया गया कथित शराब घोटाला आज न्यायालय के निर्णय से झूठा साबित हो गया है। आम आदमी पार्टी को समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने एक बड़ा षड्यंत्र रचा था, लेकिन अदालत के फैसले से यह स्पष्ट हो गया कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं तथा आम आदमी पार्टी एक ईमानदार राजनीतिक दल है।
अग्रवाल ने यह भी कहा कि वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार में नयागांव परिवहन चेकपोस्ट पर व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष के दौरान उनके और उनके छह साथियों पर भी झूठे मामले दर्ज किए गए थे, जिनसे उन्हें 10 वर्ष बाद न्यायालय द्वारा बरी किया गया। इससे यह सिद्ध होता है कि नीमच से लेकर दिल्ली तक आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को षड्यंत्रपूर्वक झूठे मामलों में फंसाया जाता रहा है।