शाजापुर। गौ माता हिंदू धर्म में आस्था, कृषि और अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा रही हैं। लेकिन शाजापुर जिले में इनकी स्थिति आज बेहद दयनीय हो गई है। हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक सभा में कहा कि “कांग्रेस कुत्ता पालती है और हम गाय पालते हैं।” उन्होंने गोपालकों को प्रति गाय 40 रुपये देने और गायों को ‘राज्य माता’ का दर्जा दिलाने का भी आश्वासन दिया।
लेकिन जमीन पर तस्वीर कुछ और ही है। शहर और आसपास के इलाकों में कई गायें भूख और प्यास से तड़प रही हैं। पेट भरने के लिए कुछ गायें कचरा खा रही हैं, जिससे कई की मौत हो चुकी है। यह स्थिति प्रशासन और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
गोसेवक धर्मेंद्र शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कई गोपालक गायों को दूध न देने पर सड़क पर छोड़ देते हैं। उनका कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता का मामला दर्ज होना चाहिए।