नीमच। शहर की चर्चित गांधी वाटिका चाकूबाजी घटना में न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह राजपूत की अदालत ने आरोपी कुलदीप पिता मनोहर लाल (21 वर्ष), निवासी ग्राम केसरपुरा थाना जावद को 7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

यह मामला 31 जुलाई 2024 को गांधी वाटिका में हुई सनसनीखेज चाकूबाजी की घटना से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार आरोपी कुलदीप ने अपनी परिचित कक्षा 9 की छात्रा को बातचीत के बहाने गांधी वाटिका बुलाया और शादी के प्रस्ताव से इनकार करने पर उस पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने छात्रा की पीठ, पेट, हाथ और पैर पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। घटना का वीडियो उस समय सोशल मीडिया पर वायरल होने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।

बताया गया कि पीड़िता एक निजी विद्यालय में कक्षा 9 की छात्रा थी, जबकि आरोपी कक्षा 11 का छात्र था। दोनों के बीच स्कूल समय से परिचय था। आरोपी द्वारा विवाह प्रस्ताव रखने पर छात्रा ने पढ़ाई जारी रखने और भविष्य में उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने की इच्छा जताते हुए प्रस्ताव ठुकरा दिया, जिसके बाद आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया।

घटना के बाद घायल छात्रा को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान शासन की ओर से लोक अभियोजक चंचल बाहेती एवं अपर लोक अभियोजक इमरान खान ने प्रभावी पैरवी करते हुए साक्ष्य प्रस्तुत किए। प्रस्तुत साक्ष्यों एवं तर्कों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

इस निर्णय को महिलाओं एवं छात्राओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कड़ा संदेश माना जा रहा है।
