शाजापुर। जिले की गुलाना तहसील में अंतर्गत आने वाले ग्राम पाडली में आज उस समय मातम छा गया, जब एक किसान की खून-पसीने की मेहनत आग की लपटों में विलीन हो गई। अज्ञात कारणों से लगी इस भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 5 बीघा क्षेत्र में खड़ी गेहूं की पकी हुई फसल को जलाकर खाक कर दिया प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पाडली निवासी किसान गोपाल बैंस (पिता भेरूसिंह बैंस) के खेत में दोपहर अचानक आग की लपटें उठती दिखाई दीं। उस समय तेज हवाएं चल रही थीं, जिसके कारण आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे खेत को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक किसान और आसपास के ग्रामीण कुछ समझ पाते और आग बुझाने का प्रयास करते, तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया था।
दमकल की मशक्कत और ग्रामीणों का प्रयास
आग लगते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर कुओं के माध्यम से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन सूखी फसल होने के कारण आग पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो रहा था। तत्काल इसकी सूचना दमकल विभाग को दी गई।
सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ी मौके पर पहुँची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, जब तक आग बुझाई गई, तब तक गोपाल बैंस की 5 बीघा खेत में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी।
किसान की मेहनत पर फिरा पानी
पीड़ित किसान ने रुआंसे मन से बताया कि फसल पूरी तरह पककर तैयार थी और कटाई का काम शुरू हो गया था। पूरे साल की मेहनत और हजारों रुपये की लागत इस उम्मीद में लगाई थी कि फसल बेचकर परिवार की जरूरतों को पूरा करेंगे, लेकिन कुदरत के इस कहर ने सब कुछ छीन लिया। इस अग्निकांड से किसान को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
प्रशासन से मुआवजे की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पटवारी और राजस्व विभाग की टीम को सूचित किया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित किसान की आर्थिक स्थिति को देखते हुए शीघ्र ही खेत का सर्वे कराया जाए और उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि वह इस भारी आर्थिक संकट से उबर सके। फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है।