प्रतापगढ़। बहुजन समाज पार्टी के चित्तौड़गढ़ लोकसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी एवं जिलाध्यक्ष कमल मीणा ने जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में दवाइयों की कमी, सफाई व्यवस्था की बदहाली और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कमल मीणा ने बताया कि 2 जनवरी 2026 को तबीयत खराब होने पर जब वे जिला चिकित्सालय दवा लेने पहुंचे, तो कई आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध नहीं थीं और उन्हें बाहर की मेडिकल दुकानों से दवा खरीदने के लिए कहा गया। उनका कहना है कि प्रतापगढ़ आदिवासी बाहुल्य जिला है, जहां अधिकांश लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं, ऐसे में बाहर से दवाइयाँ खरीदना उनके लिए कठिन है। उन्होंने अस्पताल में सभी आवश्यक दवाइयाँ निशुल्क उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया कि दवाइयों की खरीद के लिए प्रशासन को कितना बजट मिलता है और उसका उपयोग किस प्रकार किया जाता है, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था को भी खराब बताया। उनके अनुसार, परिसर में कई स्थानों पर गंदगी फैली हुई थी। अस्पताल की छत पर लगी पानी की टंकियां खुली पाई गईं, जिनमें काई जमी थी और कचरा भी मौजूद था। उन्होंने इसे मरीजों के स्वास्थ्य के लिए संभावित खतरा बताया।
कमल मीणा ने यह भी आरोप लगाया कि जिला चिकित्सालय में साइकिल स्टैंड के नाम पर ठेका प्रथा के माध्यम से लोगों से अवैध वसूली की जा रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पानी की टंकियों को ढकने, सफाई व्यवस्था सुधारने, दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और साइकिल स्टैंड ठेका व्यवस्था की समीक्षा जैसे कदम नहीं उठाए गए, तो बहुजन समाज पार्टी जिला चिकित्सालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेगी।
(विशेष)
उन्होंने कहा कि आजादी के 78 वर्ष बाद भी जिले की जनता स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, जो चिंताजनक है।