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March 14, 2026, 11:06 am
BIG NEWS : प्रमोशन में देरी के चलते गड़बड़ाया है प्रशासनिक कैडर, एमपी में आईएएस के 68, आईपीएस के 48 और आईएफएस के 87 पद खाली, पढे़ खबर

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भोपाल। मध्यप्रदेश में अखिल भारतीय सेवाओं के कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। हालात यह हैं कि कई प्रमोटी अधिकारियों को कलेक्टर, एसपी और डीएफओ बनने का मौका नहीं मिल पा रहा है, जबकि इन तीनों कैडर में कुल 203 पद रिक्त हैं।

केंद्र सरकार द्वारा एक जनवरी 2025 की स्थिति में जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में आईएएस के 68, आईपीएस के 48 और आईएफएस के 87 पद खाली हैं। इन पदों को भरने में केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर देरी सामने आ रही है।

संसद में पेश रिपोर्ट के मुताबिक पूरे देश में भी अखिल भारतीय सेवाओं में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं। देशभर में आईएएस के कुल 6,877 स्वीकृत पदों के मुकाबले 5,577 अधिकारी ही कार्यरत हैं, जिससे करीब 1,300 पद यानी लगभग 18.9 प्रतिशत पद खाली हैं।

इसी तरह तीनों सेवाओं — आईएएस, आईपीएस और आईएफएस — को मिलाकर 15,169 स्वीकृत पदों के मुकाबले 2,834 पद रिक्त हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन पदों को संघ लोक सेवा आयोग की भर्ती के अलावा राज्यों से होने वाली पदोन्नति के जरिए भी भरा जा सकता है, लेकिन राज्य में सामान्य प्रशासन, गृह और वन विभाग द्वारा समय पर डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) नहीं कराने से प्रमोशन अटक जाते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार हर साल होने वाली सेवानिवृत्तियों और सीमित भर्ती के कारण भी रिक्त पदों की संख्या बढ़ रही है। वहीं कई राज्यों में कैडर की संख्या तो बढ़ा दी गई, लेकिन उसी अनुपात में भर्ती नहीं हुई।

अधिकारियों का मानना है कि पद खाली रहने का सीधा असर प्रशासनिक कामकाज पर पड़ता है। कई जिलों और मंत्रालयों में एक ही अधिकारी को एक साथ कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालनी पड़ती हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ जाता है।

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