चित्तौड़गढ़। पर्यावरण संरक्षण और एकल अभियान के कार्यकर्ताओं ने विश्व जल दिवस पर चित्तौड़ की जीवनदायिनी नदियों गंभीरी और बेड़च के संगम स्थल पर जल संरक्षण हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किया।
गतिविधि के नगर संयोजक गोपाल कृष्ण दाधीच ने बताया कि यह कार्यक्रम भोई खेड़ा स्थित संगम स्थल पर गतिविधि के प्रांत संयोजक धर्मपाल गोयल के सानिध्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में नदी घाटों की स्वच्छता की गई, वैदिक मंत्रों के साथ नदी का पूजन किया गया, नदी को सांकेतिक रूप से चुनरी ओढ़ा कर दीपदान किया गया।
धर्मपाल गोयल ने विश्व जल दिवस पर बताया कि पृथ्वी पर कुल जल का 71% मौजूद है, लेकिन पेयजल मात्र 6 से 7% ही है। उन्होंने चेतावनी दी कि दो अरब लोग विश्व में जल संकट का सामना कर रहे हैं, भारत में भी कई क्षेत्रों में पेयजल की कमी है। उन्होंने सभी से अपील की कि नदियों और प्राचीन जल स्त्रोतों का संरक्षण करें और जल का सतर्क उपयोग करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने जल को नदियों में देखा, हमारे माता-पिता ने कुएं और हैंडपंप में, हम नलों में और आने वाली पीढ़ियाँ शायद कैप्सूल में देखेंगे।
कार्यक्रम में एकल अभियान के ग्रामोत्थान हेड मनोज वैष्णव ने उपस्थित लोगों से जल संरक्षण की शपथ दिलाई। धार्मिक संयोजक जितेंद्र त्रिपाठी ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में गतिविधि के सतीश सोनी, धीरज सोनी, मनीष जैन, संजय शर्मा, गोपाल कच्छावा, मुरली धाकड़, महिपाल सिंह, प्रहलाद उपाध्याय, पंकज धाकड़, उदय लाल जटिया, लीला शंकर धाकड़, बद्री लाल गुर्जर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।