चित्तौड़गढ़। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के निंबाहेड़ा सेवा केंद्र पर विश्वविद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी आदरणीय दादी रतन मोहिनी जी का प्रथम पुण्य स्मृति दिवस मनाते हुए विश्व एकता दिवस समारोह आयोजित किया गया।
सेवा केंद्र की संचालिका बीके शिवली दीदी ने बताया कि दादी जी का जीवन बाल्यकाल से ही भक्ति भावना और सेवा भाव से परिपूर्ण रहा। उनका जन्म एक धनाढ्य परिवार में हुआ, लेकिन उन्होंने अपने जीवन को परमात्मा भोलेनाथ शिव बाबा के दिव्य कार्य में समर्पित कर दिया। दादी जी ने भारत के विभिन्न गांवों और शहरों के अलावा विदेशों में भी सनातन धर्म और ईश्वरीय ज्ञान का प्रचार किया।
बीके शिवली दीदी ने बताया कि दादी जी गंभीरता, रमणिकता और प्रेम की प्रतिमूर्ति थीं और सदैव परमात्मा की आज्ञा का पालन कर सभी आत्माओं के लिए शुभकामनाएं रखती थीं। दादी जी ने शत-आयु पूरी कर परमात्मा का गोद प्राप्त किया और अपने मार्ग में सभी के लिए प्रेरणा स्रोत बनीं।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी भाई-बहनों ने दादी जी को शब्दों और पुष्पों से श्रद्धांजलि अर्पित की और सभी को प्रसाद वितरण भी किया गया। समारोह में दादी जी की स्मृति में तन, मन, समय और साधन ईश्वरीय कार्य में समर्पित करने का संकल्प भी लिया गया।