नीमच/भोपाल। मध्यप्रदेश में रेत माफिया और सत्ता पक्ष के नेताओं की कथित सांठगांठ को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजी. नवीन कुमार अग्रवाल ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले 23 वर्षों में नदियों का सबसे अधिक दोहन रेत माफिया द्वारा किया गया है, जिसे सत्ता से जुड़े नेताओं का संरक्षण प्राप्त है।
अग्रवाल ने कहा कि ग्वालियर से लेकर नीमच तक नर्मदा, चंबल सहित कई नदियों को अवैध खनन के जरिए नुकसान पहुंचाया गया है। जब भी रेत माफिया से जुड़ी कोई घटना सामने आती है, उसमें किसी न किसी सत्ताधारी दल के नेता का नाम जुड़ना यह साबित करता है कि माफिया और नेताओं के बीच गठजोड़ है।
उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि पिछले 23 वर्षों में रेत माफिया से जुड़ी सभी घटनाओं की सीबीआई जांच करवाई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
अग्रवाल ने हाल ही में मुरैना में हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ड्यूटी पर तैनात वनरक्षक हरिकेश गुर्जर को रेत माफिया ने ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला। यह घटना न केवल दुखद है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि माफिया अब इतने बेखौफ हो चुके हैं कि उन्हें कानून और वर्दी का भी डर नहीं रहा।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब ट्रैक्टर चालक पर हत्या का मामला दर्ज हो चुका है, तो पर्दे के पीछे बैठे कथित संरक्षण देने वाले नेताओं पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या सरकार इस मामले में निष्पक्ष जांच करेगी या फिर राजनीतिक संरक्षण जारी रहेगा?
अग्रवाल ने नीमच के सरवानिया महाराज क्षेत्र की एक पुरानी घटना का भी उल्लेख किया, जहां एक पुलिस जवान को डंपर से कुचलकर मार दिया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसी कई घटनाएं प्रदेश में हो चुकी हैं, जिनमें रेत माफिया को रोकने की कोशिश करने वाले सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अपनी जान गंवा चुके हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की कानून व्यवस्था माफियाओं के प्रभाव में दिखाई देती है और सरकार इस पर कठोर कार्रवाई करने में विफल रही है।
अंत में अग्रवाल ने दोहराया कि मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे इन सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।