चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर द्वारा प्रदेश के किशोर विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से संचालित एक अभिनव और महत्वाकांक्षी कार्यक्रम “ट्रांसफॉर्मेटिव मंगलवार“ (रूपांतरणकारी मंगलवार) के तहत जिले में प्रत्येक दिन “बाल विवाह एवं घरेलु हिंसा” के संबंध में बच्चों के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ के तत्वाधान में किया जा रहा है। इस क्रम में अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ मानसिंह चुण्डावत के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ के सचिव सुनील कुमार गोयल के नेतृत्व में महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पुठोली गंगरार चित्तौड़गढ़ में बच्चों को बाल विवाह एवं घरेलु हिंसा के बारे में जागरूक किया एवं इस अभियान से संबंधित बच्चों की जो भी शिकायत थी उनका भी सरल भाषा में निराकरण किया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए सचिव गोयल ने बताया कि बाल विवाह एक कानूनन अपराध है। बाल विवाह करवाने वाले माता-पिता ,पंडित और उसमें शामिल होने वाले अतिथियों पर भी सख्त कानूनी कार्यवाही का प्रावधान है। इसी तरह घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों पर सचिव महोदय ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह हिंसा केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक,आर्थिक और मौखिक भी होती है। अक्सर लोक-लाज के डर से महिलाएं चुप रहती हैं जिससे अपराधियों के हौसलें बढते हैं। पीड़ित महिलाओं के लिए घरेलु हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत मुफ्त कानूनी सहायता और आश्रय की व्यवस्था उपलब्ध है। सचिव महोदय ने उपस्थित बच्चों से अपील की कि यदि उनके आस-पास कहीं भी बाल विवाह की तैयारी हो रही हो या किसी महिला के साथ घरेलू हिंसा हो रही हो तो तुरंत सूचित करें। आपकी एक सूचना एक जीवन बचा सकती है। इस हेतु चाइल्ड हेल्पलाईन 1098,महिला हेल्पलाईन 1091 एवं पुलिस सहायता 112 पर सहायता प्राप्त की जा सकती है अथवा नालसा हेल्पलाईन 15100 पर भी शिकायत की जा सकती है। इस दौरान पैनल अधिवक्ता श्रीमती भारती गहलोत एवं अधिवक्ता आयुषी गहलोत द्वारा भी बच्चों को साइबर क्राइम के प्रकार एवं उनसे बचाव हेतु जानकारी दी गई तथा विधिक सेवाओं से अवगत करवाया गया “ट्रांसफॉर्मेटिव मंगलवार“ (रूपांतरणकारी मंगलवार) कार्यक्रम के तहत जिले में एलएडीसी, पैनल अधिवक्ता एवं पैरा लीगल वालंटियर द्वारा भी जिला मुख्यालय व समस्त ताल्लुकाओं में स्थित विद्यालयों में “बाल विवाह एवं घरेलू हिंसा” के संबंध में विधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान विद्यालय के कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।