शिवपुरी। जिले की पोहरी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत एसवाया के अहेरा एवं मुड़खेड़ा गांव में प्रशासन का एक अनोखा और संवेदनशील चेहरा देखने को मिला, जब कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने दोनों गांव में रुककर जन-चौपाल लगाई, अधिकारियों की इस पहल ने गांव में चर्चा का माहौल बना दिया और लोगों के बीच प्रशासन के प्रति भरोसा भी मजबूत हुआ।
ग्राम अहेरा एवं मुड़खेड़ा गांव पहुंचने पर कलेक्टर ने सबसे पहले जन-चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने शासकीय योजनाओं की जमीनी स्थिति जानी और लोगों से पूछा कि उन्हें योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। चौपाल में किसानों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने भी खुलकर अपनी समस्याएंअधिकारियों के सामने रखीं। गांव में पेयजल, सड़क, बिजली, राशन वितरण और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई शिकायतें सामने आईं।
खास बात यह रही कि कलेक्टर ने सिर्फ शिकायतें सुनकर औपचारिकता नहीं निभाई, बल्कि सभी मामलों में मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा गया, जिससे कई समस्याओं का मौके पर ही निराकरण भी हुआ। यह दृश्य किसी फिल्मी कहानी जैसा लगा, जहां आम लोगों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाता है। दौरे के दौरान कलेक्टर ने गांव के बच्चों से भी आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई के बारे में बात की और उन्हें शिक्षा के महत्व को समझाया।
ग्राम मुड़खेड़ा में आंगनवाड़ी में खाना बांटने वाले समूह को हटाने के दिए निर्देश कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने रात्रि चौपाल में प्राप्त अनियमितता की शिकायत के आधार पर आंगनवाड़ी केन्द्र मुड़खेड़ा में खाना बांटने वाले समूह को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने बताया कि खाना बांटने वाला समूह कभी कभी खाना बांटने आता है और समय पर नहीं आता। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जनजाति बाहुल्य ग्राम मुड़खेड़ा में आयोजित रात्रि चौपाल में ग्रामीणों से रूबरू होने के बाद ग्रामीणों के बीच आत्मीयता का परिचय देते हुए मुड़खेड़ा में ही ग्रामीणों के साथ संगत में बैठकर भोजन ग्रहण किया और मुड़खेड़ा में ही रात्रि विश्राम भी किया।
कलेक्टर अर्पित वर्मा के साथ जिला पंचायत सीईओ विजय राज, एसडीएम अनुपम शर्मा एवं अन्य जिलाधिकारियों ने भी ग्राम के आंगनवाड़ी भवन में रात गुजारी। शासन-प्रशासन द्वारा गांव में रुककर सीधे ग्रामीणों से संवाद की इस पहल की ग्रामीणों ने सराहना की। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रशासन गांव की चौखट तक पहुंचे और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर मिले।